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'इस साल के अंत तक पोलियो का सफ़ाया' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
विश्व स्वास्थ्य संगठन को उम्मीद है कि वर्ष 2004 के अंत तक पोलियो का पूरी दुनिया से सफ़ाया हो जाएगा. ये दावा उत्तरी नाइजीरिया में बच्चों को पोलियो का टीका फिर से दिए जाने के अभियान की शुरुआत के समय किया गया है. लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि इस काम को पूरा करने में कई बाधाएँ सामने आ रही हैं जिनमें पैसे की कमी भी शामिल है. इस साल के अंत तक विश्व स्वास्थ्य संगठन 22 अफ़्रीकी देशों में राष्ट्रीय अभियान चलाएगा. दक्षिण एशिया के देशों में भी इस बीमारी का सफ़ाया करने के लिए बड़ा अभियान चलाया जा रहा है. भारत में कई वर्षों से हर साल एक या दो दिन निर्धारित कर विशेष उम्र के सभी बच्चों को पोलिया की दवा पिलाई जाती हैं जिससे इस बीमारी पर काबू पाने में मदद मिली है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के 1988 से चलाए जा रहे पोलिया का सफ़ाया करने के अभियान के लिए ये बहुत महत्वपूर्ण समय है. इस अभियान के लिए ज़रूरी कई करोड़ डॉलर की कमी इसे पूरा करने में आड़े आ रही है. नाइजीरिया में सन 2003 में ये कार्यक्रम उस समय बंद किया गया था जब स्थानीय मुस्लमान नेताओं ने आपत्ति की थी कि ये टीके ठीक नहीं है. लेकिन इस दौरान बीमारी और फैली और इस सप्ताह पोलियो की रोकथाम के लिए टीके लगाने का काम फिर शुरु कर दिया गया. |
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