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वेटिकन की सेना सम्मानित | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पोप बेनेडिक्ट ने वेटिकन की सेना स्विस गार्ड को उसकी सेवाओं के लिए एक विशेष प्रार्थना सभा में सम्मानित किया है. उल्लेखनीय है कि इस सप्ताह स्विस गार्ड अपनी स्थापना की 500 वीं सालगिरह मना रहे हैं. स्विस गार्ड सबसे पहले 1506 में भाड़े के सैनिकों के रूप में पोप जूलियस द्वितीय की सेवा में आए थे. पोप जूलियस द्वितीय को योद्धा पोप के रूप में भी जाना जाता है. छह मई को ही हर साल स्विस गार्ड में नए रंगरूट भर्ती किए जाते हैं. दरअसल 1527 में पोप क्लेमेंट सप्तम की आक्रमणकारियों से रक्षा करते हुए इस तारीख़ को 147 स्विस गार्डों ने अपनी जान दे दी थी. विशेष प्रार्थना सभा शनिवार को वेटिकन के सेंट पीटर्स गिरजाघर में यह विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई. पोप ने इस मौक़े पर कहा, "स्विस गार्ड बनने का मतलब है ईसा मसीह और चर्च के प्रति पूर्ण समर्पण और इनके लिए जान क़ुर्बान करने को हमेशा तैयार रहना." स्विस गार्ड को संबोधन में पोप ने आगे कहा, "मैं आपका शुक्रिया अदा करता हूँ और आपसे आग्रह करता हूँ कि आप बहादुरी और भरोसा दिखाते रहें." उल्लेखनीय है कि पिछली पाँच सदियों के दौरान स्विस गार्ड ने 42 अलग-अलग पोप की सेवा की है. वेटिकन की सेना में स्विस सेना के कैथोलिक जवानों को ही भर्ती किया जा सकता है. | इससे जुड़ी ख़बरें विश्व की सबसे छोटी सेना 500 वर्ष की हुई22 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना पोप परमाणु मुद्दों, फ़लस्तीनी राष्ट्र पर बोले16 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना 'समलैंगिक लोग पादरी नहीं बन सकते'29 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना 'पोप के घर' से दुखी हैं जर्मन महिला23 जून, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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