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पोप परमाणु मुद्दों, फ़लस्तीनी राष्ट्र पर बोले | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कैथोलिक ईसाई धर्मगुरू पोप बेनेडिक्ट 16वें ने अपने पहले ईस्टर संदेश में दुनिया के नेताओं से परमाणु मुद्दों के हल खोजने और स्वतंत्र फ़लस्तीनी राष्ट्र बनाने का आहवान किया है. ईस्टर के मौके पर सेंट पीटर्स सक्वेयर में एकत्र हज़ारों श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए पोप ने मध्य पूर्व, अफ़्रीका और कुछ अन्य देशों की समस्याओं के बारे में अपनी चिंता व्यक्त की है. ईरान का नाम लिए बिना उन्होंने उम्मीद जताई कि परमाणु मुद्दों के ऐसे हल खोजे जाएँगे जिनसे सभी पक्ष सहमत हों. इस मुद्दे पर उनका कहना था, "ऐसा हो कि ईमानदारी से गंभीर बातचीत के ज़रिए सभी पक्षों के लिए सम्मानजनक हल खोज लिया जाए." पोप अगले साल इसराइल की यात्रा पर जाने वाले हैं. उन्होंने इसराइली राष्ट्र के बने रहने का समर्थन करते हुए कहा कि असल रूप में स्वतंत्र फ़लस्तीनी राष्ट्र भी कायम हो. इराक़ का ज़िक्र करते हुए उन्होंने प्रार्थना की कि शांति स्थापित होगी और दुखदायी हिंसा ख़त्म होगी जिसके कारण लोगों की जान जा रही है. | इससे जुड़ी ख़बरें धर्म में तोड़-मरोड़ न करें: पोप21 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना आतंकवाद के ख़िलाफ़ पोप की अपील20 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना पोप बेनेडिक्ट की ईसाई एकता की अपील24 अप्रैल, 2005 | पहला पन्ना 'अन्य धर्मों के साथ संबंधों को बढ़ावा देंगे'20 अप्रैल, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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