|
सूडान ने भी ओसामा से दूरी बनाई | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सूडान की सरकार और हमास के नेतृत्व वाले फ़लस्तीनी प्राधिकरण ने ओसामा के ताज़ा बयान से अपनी दूरी बना ली है. ओसामा ने अपने ताज़ा टेप में आरोप लगाया था कि पश्चिमी देश इस्लाम धर्म पर युद्ध कर रहे हैं और इसके कई प्रमाण हैं. अमरीकी अधिकारियों ने अल ज़जीरा पर प्रसारित ओसामा बिन लादेन के टेप को असली बताया है. अल क़ायदा के नेता का कहना था कि सूडान के दारफ़ूर क्षेत्र में संकट की स्थिति इस बात का सबूत है कि पश्चिमी देश इस्लाम पर जंग कर रहे हैं. उधर सूडान के अधिकारियों का कहना है कि उनके देश की अंतरराष्ट्रीय समुदाय के ख़िलाफ़ किसी तरह का 'धर्मयुद्ध' चलाने में दिलचस्पी नहीं है. जहाँ ओसामा ने हमास के नेतृत्व वाले फ़लस्तीनी प्राधिकरण के अलग-थलग पड़ने को 'पश्चिमी देशों के जंग' का प्रमाण कहा था वहीं फ़लस्तीनी प्राधिकरण ने कहा कि वह पश्चिमी देशों के साथ अच्छे रिश्ते चाहता है. लेकिन फ़लस्तीनी प्राधिकरण का ये भी कहना था अमरीका इस्लाम धर्म मानने वालों के बारे में अपने पूर्वाग्रह छोड़ दे. अमरीकी राष्ट्रपति के कार्यालय का कहना था कि ओसामा का संदेश दिखाता है कि अल क़ायदा का नेतृत्व दर-दर भागता फिर रहा है और उस पर काफ़ी दबाव है. उधर राष्ट्रपति बुश के प्रतिद्वंद्वियों का कहना है कि इस टेप ने फिर याद दिलाया है कि बुश प्रशासन ओसामा को पकड़ने में नाकाम रहा है. |
इससे जुड़ी ख़बरें 'पश्चिमी देशों की इस्लाम पर जंग जारी'23 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना आतंकवादियों से बात नहीं: अमरीका20 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना 'ओसामा के टेप' में अमरीका पर और हमलों की धमकी19 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना 'ओसामा के टेप' में अमरीका पर और हमलों की धमकी19 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना ओसामा जीवित हैं:ज़वाहिरी07 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||