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रोमानो प्रोदी ने जीत का दावा किया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इटली में मध्यमार्गी-वामपंथी दलों के गठजोड़ के नेता रोमानो प्रोदी ने कहा कि आम चुनाव में जीत के बाद उनके प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ़ हो गया है. हालाँकि मौजूदा प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी के नेतृत्व वाले मध्यमार्गी-दक्षिणपंथी गठबंधन परिणामों पर सवाल उठा रहे हैं और हार मानने से इनकार कर रहे हैं. ताज़ा परिणामों के अनुसार प्रोदी के गठजोड़ को संसद के निचले सदन में 49.8 प्रतिशत मत मिले हैं, जबकि प्रतिद्वंद्वी मध्यमार्गी-दक्षिणपंथी गठजोड़ को 49.7 प्रतिशत मत मिले हैं. अधिकारियों के अनुसार प्रोदी के गठजोड़ को सदन के उच्च सदन सीनेट में भी थोड़े अंतर से बढ़त मिली है. प्रोदी ने मंगलवार सुबह पत्रकारों से कहा, "हम पाँच साल तक शासन कर सकते हैं." मुश्किलें रोम से बीबीसी संवाददाता डेविड विली के अनुसार प्रोदी को दोनों सदनों में भले ही जीत मिली हो, लेकिन जीत के कम अंतर के कारण उनके लिए शासन करना आसान नहीं होगा. अंतिम परिणाम विदेशों में रह रहे इटलीवासियों की मतों की गिनती के बाद ही घोषित किए जा सकते हैं. प्रवासी मतदाताओं के वोटों से सीनेट की छह सीटों का फ़ैसला होना है. उल्लेखनीय है कि इटली की चुनावी व्यवस्था में दोनों सदनों का बराबर का महत्व है. इसलिए अवरोधरहित शासन के लिए किसी गठजोड़ का दोनों सदनों में जीतना आवश्यक हो जाता है. | इससे जुड़ी ख़बरें विपक्षी गठबंधन की निचले सदन में जीत11 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना इटली में मतगणना शुरु10 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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