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'रूस ने इराक़ को दी थी जानकारी' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2003 में इराक़ पर अमरीकी हमले के शुरूआती दिनों में, रूस ने सद्दाम हुसैन को अमरीका के सैन्य क़दमों के बारे में ख़ुफ़िया जानकारी दी थी. रिपोर्ट में लिखा गया है कि रूस ने बग़दाद में अपने राजदूत के ज़रिए ये ख़ुफ़िया जानकारी दी थी. पेंटागन ने अपनी रिपोर्ट में जो जानकारियाँ दी हैं वो गोपनीय नहीं है. गोपनीय हिस्सों वाली पूरी रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है. पेंटागन की रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि इराक़ के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन की सेना की हार का एक बड़ा कारण सद्दाम का अयोग्य नेतृत्व था. रिपोर्ट के मुताबिक रूस ने सद्दाम हुसैन को जो जानकारी दी थी उसमें से एक जानकारी ग़लत थी. ये ‘ग़लत’ ख़ुफ़िया जानकारी उस तारीख़ के बारे में थी, जिस दिन इस बात की पूरी संभावना थी कि अमरीका बग़दाद पर बड़ा हमला करेगा. दस्तावेज़ रिपोर्ट के मुताबिक इराक़ के विदेश मंत्री ने सद्दाम हुसैन को दो अप्रैल 2003 को एक दस्तावेज़ भेजा था जिसमें रूसी ख़ुफ़िया जानकारी का हवाला दिया गया था. दस्तावेज़ में लिखा गया था कि बग़दाद पर अमरीकी हमला तब तक नहीं होगा जब तक सेना की चौथी इन्फ़ेंटरी डिविज़न 15 अप्रैल के आसपास नहीं पहुँच जाती. पेंटागन की रिपोर्ट के मुताबिक इस दस्तावेज़ की जानकारी से वही माहौल तैयार हुआ जो अमरीका चाहता था ताकि इराक़ी सेना को हैरत में डाला जा सके. दरअसल, बग़दाद पर हमला चौथी डिविज़न के आने से पहले ही हो गया और बग़दाद शहर पर अमरीका ने 15 अप्रैल से पहले ही क़ब्ज़ा कर लिया. पेंटागन की रिपोर्ट में कहा गया है कि इराक़ को शक था कि अमरीकी सेना के कुवैत की तरफ़ से आने की बात इराक़ को गुमराह करने के लिए है और रूस से मिली ख़ुफ़िया जानकारी ने इराक़ के इस शक को और बल दिया. रिपोर्ट के मुताबिक इराक़ी दस्तावेज़ में ये भी लिखा गया है कि अमरीका बग़दाद को दक्षिण, पूर्व और उत्तर की ओर से काटना चाहता है. पेंटागन की रिपोर्ट में ऐसी तस्वीर पेश की गई है कि इराक़ सरकार अमरीकी हमले के ख़तरे से बेख़बर लग रही थी. 210 पन्नों की पेंटागन की ये रिपोर्ट इस मक़सद से तैयार की गई है कि अमरीकी अधिकारियों को समझने में मदद मिले कि इराक़ पर हमले के दौरान इराक़ी सेना ने क्या और कैसे तैयारी की थी. | इससे जुड़ी ख़बरें बग़दाद में तीन बम धमाके, 35 मारे गए23 मार्च, 2006 | पहला पन्ना मतभेद भुलाकर राष्ट्रीय सरकार बनाएँ: बुश20 मार्च, 2006 | पहला पन्ना अभी सैनिक वापसी का वक़्त नहीं19 मार्च, 2006 | पहला पन्ना नई इराक़ी संसद की पहली बैठक16 मार्च, 2006 | पहला पन्ना हमले का 12वाँ दिन31 मार्च, 2003 | पहला पन्ना सभ्यताओं की जन्मभूमि है इराक़31 मार्च, 2003 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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