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दुबई कंपनी का कारोबार स्थानांतरण | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका में कुछ बंदरगाहों की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी संभालने वाली दुबई स्थित एक कंपनी - दुबई पोर्ट वर्ल्ड ने अपना अमरीकी कारोबार एक अमरीकी कंपनी को ही स्थानांतरित करने का फ़ैसला किया है. इस फ़ैसले के बाद राजनीतिक विवाद थम जाने की संभावना जताई गई है. हालाँकि दुबई पोर्ट्स ने अभी यह स्पष्ट रूप से नहीं कहा है कि वह अमरीकी बंदरगाहों की सुरक्षा करने वाली कंपनी को बेच देगी लेकिन व्हाइट हाउस का कहना है कि अंतिम परिणाम यही निकलेगा. व्हाइट हाउस ने दुबई पोर्ट्स वर्ल्ड के इस क़दम का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे राजनीतिक विवाद थम सकेगा. अरब मालिकाना हक़ वाली इस कंपनी ने अमरीका में 20 से ज़्यादा बंदरगाहों की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी का ठेका हासिल किया था लेकिन कांग्रेस ने सुरक्षा चिंताएँ की वजह से इस पर आपत्ति की थी. राष्ट्रपति बुश ने इस सौदे की जमकर हिमायत की थी लेकिन उन पर सुरक्षा मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगा था. वाशिंगटन में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि सुरक्षा मुद्दे पर बुश की हार से उनके सत्ताधिकार पर दीर्घकालीन असर पड़ेगा. दुबई पोर्ट्स वर्ल्ड दुनिया की तीन सबसे बड़ी बंदरगाह प्रबंधन कंपनी है जो पाँच महाद्वीपों के 30 देशों में 51 बंदरगाहों की ज़िम्मेदारी संभालती है. अमरीका के भी 20 से ज़्यादा बंदरगाहों की ज़िम्मेदारी इसी कंपनी के पास है. | इससे जुड़ी ख़बरें अरबी कंपनी ने समझौता टाला24 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना अब आया है ऊँट रोबोट के नीचे22 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना दुबई में होगी सबसे ऊँची इमारत09 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना दुबई में रिकार्ड "मोहम्मद" जमा हुए11 फ़रवरी, 2005 | पहला पन्ना दुबई के मजबूर भारतीय मजदूर10 फ़रवरी, 2005 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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