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पश्चिमी तट से बस्तियाँ हट सकती हैं | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल में अधिकारियों ने कहा है कि अंतरिम प्रधानमंत्री एहूद ओलमर्ट यह योजना बना रहे हैं कि अगर मार्च के अंत में हुए आम चुनाव में उनकी कदीमा पार्टी की जीत होती है तो फ़लस्तीनी क्षेत्र पश्चिमी तट से कुछ यहूदी बस्तियाँ हटाई जा सकती हैं. इसराइल के पूर्व सुरक्षा प्रमुख और कदीमा पार्टी के एक वरिष्ठ नेता अवी डिशर ने कहा है कि कुछ यहूदी बस्तियों को हटाकर वहाँ रहने वालों को बड़ी यहूदी बस्तियों में बसाया जाएगा और इसराइल अपनी अंतिम सीमारेखा चार साल के भीतर परिभाषित कर देगा. ग़ौरतलब है कि इसराइल ने फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ज़ा पट्टी से 2005 में यहूदी बस्तियाँ हटा दी थीं और पश्चिमी तट से भी चार यहूदी बस्तियाँ हटाई गई थीं. जनमत सर्वेक्षणों में कहा गया है कि ओलमर्ट की कदीमा पार्टी बढ़त लिए हुए हैं. इसराइल में 28 मार्च को आम चुनाव होने वाले हैं. ओलमर्ट ने पहले संकेत दिया था कि इसराइल सीमा रेखा को अंतिम रूप से परिभाषित करने के तहत जॉर्डन खाड़ी, पूर्वी येरूशलम और माले एडूमिम, अरियल, और गुश एटज़ियोन में यहूदी बस्तियों को अपने पास रख सकता है. अवी डिशर ने कहा कि सरकार पश्चिमी तट से कुछ और यहूदी बस्तियाँ हटाने का काम चुनाव के तुरंत बाद कर सकती है. डिशर ने इसराइली रेडियो से कहा कि पश्चिमी तट से यहूदी बस्तियों को हटाने की योजना में सिर्फ़ असैनिक लोगों को हटाया जाएगा और सेना को हटाने की कोई योजना नहीं है. फ़लस्तीनी संसदीय चुनाव में हमास के जीत हासिल करने के हालात पर बात करते हुए डिशर ने कहा कि इसराइल के पास अब इकतरफ़ा तौर पर निर्णय लेने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है. उन्होंने कहा, "फ़लस्तीनी पक्ष के ग़ैरमौजूदगी के हालात में इसराइल को अपनी अंतिम सीमारेखा निर्धारित करने का काम इकतरफ़ा तौर पर ही करना होगा और इस उपाय में छोटी यहूदी बस्तियों को मिलाकर बड़े ब्लॉक बनाना भी शामिल होगा." लेकिन डिशर ने यह नहीं बताया किन यहूदी बस्तियों को हटाया जाएगा लेकिन इसराइली अख़बार येडियट अहरोनोट ने लिखा है कि पहले चरण में लगभग 17 यहूदी बस्तियों को हटाया जाएगा. अंतरराष्ट्रीय समुदाय पश्चिमी तट और पूर्वी येरूशल में यहूदी बस्तियों को अंतरराष्ट्रीय क़ानून के तहत ग़ैरक़ानूनी मानता है लेकिन इसराइल इस रुख़ को इसे स्वीकार नहीं करता. जनवरी 2006 में प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन के दिमाग़ की नस फट जाने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था तब एहूद ओलमर्ट को कार्यवाहक या अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया गया था. अरियल शेरॉन ने ही 2005 में कदीमा पार्टी बनाई थी. ओलमर्ट के प्रस्ताव भी अरियल शेरॉन की योजना से मेल खाते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें हमास ने ज़वाहिरी की माँग ठुकराई05 मार्च, 2006 | पहला पन्ना ज़वाहिरी विवादित कार्टूनों को लेकर बरसे05 मार्च, 2006 | पहला पन्ना यूरोपीय मदद का स्वागत किया हमास ने 27 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना अब्बास ने दी पद छोड़ने की चेतावनी26 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना हानिया को सरकार बनाने का न्यौता21 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना फ़लस्तीनी प्राधिकरण पर प्रतिबंध19 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना रूस के रुख़ से इसराइल नाराज़10 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना फ़लस्तीनी चुनाव में हमास की बड़ी जीत26 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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