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बुधवार, 01 फ़रवरी, 2006 को 11:43 GMT तक के समाचार
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बुश ने विदेश नीति को सही ठहराया
जॉर्ज डब्लू बुश
अमरीकी राष्ट्रपति को अपनी नीतियों के कारण अमरीका में विरोध का सामना करना पड़ रहा है
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्लू बुश ने अपनी विदेश नीति का ज़ोरदार बचाव करते हुए कहा है कि अमरीका अपनी सीमाओं में सिमटकर सुरक्षित नहीं रह सकता.

मंगलवार रात को बुश ने अपने वार्षिक भाषण में कहा कि दुनिया में आज़ादी के लिए उठाए गए हर क़दम से अमरीका और ज़्यादा ताक़तवर होता है.

उन्होंने कहा कि इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान में चुनाव से आज़ादी आई है और लोकतंत्र आगे बढ़ा है.

अमरीका के घरेलू मसले पर बोलते हुए उन्होंने कहा है कि अमरीका को तेल के लिए मध्यपूर्व के देशों पर अपनी निर्भरता को कम करना होगा.

अपने कार्यकाल में पाँचवीं बार वार्षिक भाषण देते हुए राष्ट्रपति बुश का भाषण सुरक्षा पर केंद्रित रहा, हालाँकि उन्होंने कई अन्य विषयों पर बात की.

मध्यपूर्व

उनके भाषण में मध्यपूर्व का ज़िक्र अहम था.

भाषण

ईरान का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा वह ईरान की जनता और उनके देश का आदर करते हैं.

उन्होंने कहा कि ईरान को कुछ संभ्रांत मौलवियों ने बंधक बनाकर रखा है और ईरानी जनता को उनसे मुक्ति पानी चाहिए.

राष्ट्रपति बुश ने कहा, "दुनिया के राष्ट्रों को ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए."

इराक़ का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अमरीकी सेना इराक़ में जीत हासिल कर रही हैं.

उन्होंने इराक़ छोड़ने की संभावनाओं से इनकार करते हुए कहा कि इसका मतलब होगा इराक़ में अपने सहयोगियों को अकेला छोड़ देना और यह साबित करना कि अमरीका का लक्ष्य बड़ा छोटा था.

चीन-भारत प्रतिस्पर्धी

अपने भाषण में राष्ट्रपति बुश ने कड़े शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि अमरीका को मध्यपूर्व पर तेल के मामले में 'निर्भरता की लत' लग गई है.

उन्होंने कहा कि इस निर्भरता को कम करना होगा और वह लक्ष्य रख रहे हैं कि वर्ष 2025 तक अमरीका का तेल आयात 75 प्रतिशत तक कम हो सकेगा.

 अमरीका एक प्रमुख आर्थिक ताक़त है लेकिन इसी से संतोष करके नहीं रहा जा सकता. एक बहुआयामी आर्थिक विश्व में हमें चीन और भारत जैसे प्रतिस्पर्धी दिखाई दे रहे हैं
जॉर्ज बुश

उन्होंने कहा कि वायुमंडल को प्रदूषित न करने वाले ऊर्जा विकल्पों के विकास के लिए होने वाले शोध के लिए वे बजट में 22 प्रतिशत बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव रखेंगे.

अमरीका की आर्थिक स्थिति का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि नए प्रतियोगियों का सामना करना होगा.

उन्होंने कहा, "अमरीका एक प्रमुख आर्थिक ताक़त है लेकिन इसी से संतोष करके नहीं रहा जा सकता. एक बहुआयामी आर्थिक विश्व में हमें चीन और भारत जैसे प्रतिस्पर्धी दिखाई दे रहे हैं."

उन्होंने 140 ऐसी सरकारी योजनाओं के बजट में कटौती की घोषणा की जो सुरक्षा से जुड़े हुए नहीं हैं.

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