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हमास ने ग़ज़ा में टीवी चैनल शुरू किया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी चरमपंथी गुट हमास ने संगठन का संदेश लोगों तक पहुँचाने के लिए एक नया टेलीविज़न चैनल शुरू किया है. यरुशलम की मस्जिद के नाम पर चैनल का नाम अल अक़्स रखा गया है. इस चैनल की योजना क़ुरान पर आधारित राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर कार्यक्रम प्रसारित करने की है. हमास की मंशा चैनल का बड़े पैमाने पर विस्तार करने और उपग्रह प्रसारण के क्षेत्र में क़दम रखने की है. ग़ज़ा में एक हमास नेता ने कहा कि टीवी स्टेशन को तीन से छह महीने के लिए पहले प्रयोग के तौर पर चलाया जाएगा. हमास नेता ने कहा कि टीवी स्टेशन शुरू करने का मक़सद हमास का संदेश फ़लस्तीनी लोगों और दुनिया तक पहुँचाना है. उन्होंने कहा, "इस क़दम का मक़सद इस्लामिक संस्कृति और एक ऐसी वैचारिक, वैज्ञानिक और राजनीतिक सोच बनाना है जो इस्लाम के अनुरुप हो." रविवार को हुए पहले प्रसारण में आधे घंटे का एक कार्यक्रम पेश किया गया जिसमें क़ुरान का उपदेश पढ़कर सुनाया गया. लेकिन हमास को उम्मीद है कि आने वाले महीनों में वो जल्द ही समाचार और डॉक्यूमेंट्री भी दिखाएगा. चैनल पर इसराइल-फ़लस्तीनी विवाद पर हमास की सोच के बारे में भी बताया जाएगा. बीबीसी के ऐलन जॉन्सटन का कहना है कि टेलीविज़न की दुनिया में हमास का क़दम रखना, तेज़ी से बढ़ रहे उसके ग्राफ़ को दर्शाता है. फ़लस्तीनी चुनाव के लिए चल रहे चुनावी अभियान में हमास सत्ताधारी दल फ़तह को कड़ी चुनौती पेश कर रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें हमास ने शीर्ष नेताओं के नाम बताए03 सितंबर, 2005 | पहला पन्ना हमास ने देइफ़ का वीडियो जारी किया27 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठन- हमास 17 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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