|
ईरान में पश्चिमी संगीत पर रोक लगी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान के राष्ट्रपति मोहम्मद अहमदीनेजाद ने सरकारी टेलीविज़न और रेडियो पर 'अभद्र' पश्चिमी संगीत के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है. अहमदीनेजाद का आदेश देश की सर्वोच्च सांस्कृतिक क्रांति परिषद के निर्देशों के अनुरूप है. ख़ुद अहमदीनेजाद इस परिषद के प्रमुख हैं. अक्टूबर महीने में एक निर्देश में परिषद ने रेडियो और टेलीविज़न पर पश्चिमी संगीत के प्रयोग पर रोक लगाने की बात की थी. परिषद के बयान में कहा गया था कि, "सरकारी प्रसारण से अभद्र और पश्चिमी संगीत को हटाए जाने की ज़रूरत है." माना जाता है कि अहमदीनेजाद के आदेश के बाद ईरान के सरकारी प्रसारणों में एरिक क्लैप्टन औरर जॉर्ज माइकल जैसे लोकप्रिय पश्चिमी गायकों के संगीत का उपयोग नहीं किया जा सकेगा. आलोचना इस बारे में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए ईरानी गिटारवादक बाबक रियाहिपोर ने कहा, "बहुत बुरा हुआ है. यह फ़ैसला जानकारी और अनुभव की कमी को दर्शाता है." उल्लेखनीय है कि 1979 की क्रांति के बाद अयातुल्ला खुमैनी ने संगीत को ग़ैरइस्लामी क़रार दिया था. लेकिन क्रांति का असर कम होते-होते सुगम और शास्त्रीय संगीत को रेडियो-टेलीविज़न पर जगह मिलने लगी. अहमदीनेजाद इस साल राष्ट्रपति बनने के बाद कई बार कह चुके हैं कि वो देश में क्रांति के बाद जैसी स्थिति देखना चाहते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें होलोकॉस्ट एक मिथक: अहमदीनेजाद14 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना 'इसराइल को यूरोप में जगह दे दो'08 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना परमाणु मामले पर ईरान को और समय21 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना परमाणु मुद्दे पर ईरानी सांसदों का प्रस्ताव20 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना कई ईरानी राजदूत वापस बुलाए गए02 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||