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अलावी पर नजफ़ में हमला | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के पूर्व प्रधानमंत्री इयाद अलावी का कहना है कि शिया के पवित्र तीर्थनगर नजफ़ में उनकी हत्या करने की कोशिश की गई. पुलिस का कहना है कि अलावी जब नजफ़ पहुँचे तो उनके ऊपर लोगों ने जूते और पत्थर फेंके जिसके बाद उनके सुरक्षाकर्मियों ने हवा में गोलियाँ चलाईं. अलावी शिया नेता हैं और अमरीका के समर्थन वाली शासकीय परिषद ने उन्हें प्रधानमंत्री नियुक्त किया था. अलावी अगले सप्ताह होने वाले संसदीय चुनाव में सत्ताधारी शिया गठबंधन को चुनौती दे रहे हैं. इराक़ी टीवी पर जो तस्वीरें दिखाई गई हैं उनमें दिखता है कि लोग अलावी के ऊपर जूते फेंक रहे हैं. अलावी का कहना है कि उनके ऊपर लगभग 60 लोगों ने हमला किया था जिनमें से कुछ लोग हथियारबंद थे लेकिन वे बच निकले. नजफ़ से बग़दाद लौटने के बाद अलावी ने कहा, "वे पूरे प्रतिनिधिमंडल को या कम से कम मुझे तो मार ही डालना चाहते थे." अमरीकी सेना ने नजफ़ शहर का नियंत्रण जब शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र से छीना था तब इयाद अलावी देश के अंतरिम प्रधानमंत्री थे. इससे पहले भी अलावी पर कई बार हमले हो चुके हैं लेकिन हर बार वे बच निकलने में कामयाब रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें 'इराक़ से कुछ सैनिक हटाएगा अमरीका'30 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना ख़बरें 'प्लांट' करने की बात 'मानी'01 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना इराक़ में 10 अमरीकी सैनिकों की मौत02 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना अपहर्ताओं का एक और वीडियो आया03 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना बम हमले में 19 इराक़ी सैनिकों की मौत03 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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