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हरीरी मामले में लेबनान में गिरफ़्तारी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रफ़ीकी हरीरी हत्याकांड मामले में संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट आने के बाद लेबनान में पहली गिरफ़्तारी किए जाने की ख़बर है. हिरासत में लिए गए व्यक्ति का नाम महमूद अबदुल-अल है और माना जा रहा है कि वो एक कट्टरपंथी इस्लामी संगठन का सदस्य है जिसका संबंध सीरिया से है. संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में इस व्यक्ति पर आरोप लगाया गया है कि उसने रफ़ीक हरीरी की हत्या से कुछ मिनट पहले लेबनान के राष्ट्रपति एमाइल लाहौद को फ़ोन किया था. लेबनान के राष्ट्रपति एमाइल लाहौद को सीरिया समर्थक माना जाता है. अबदुल-अल पर पर ये भी आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर लेबनान के उन चार जनरलों में से एक से संपर्क किया था जिन्हें हत्याकांड के सिलसिले में पहले ही गिरफ़्तार किया जा चुका है. उधर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कई सदस्यों ने अमरीका की माँग का समर्थन किया है कि संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट पर विशेष बैठक बुलाई जाए. उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र की जाँच रिपोर्ट में रफ़ीक हरीरी की कार बम हमले में मौत के मामले में सीरिया का सीधा हाथ होने की बात कही गई है. इससे पहले रफ़ीक हरीरी के बेटे साद हरीरी ने माँग की थी उनके पिता की हत्या के लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ एक ट्राइब्यूनल का गठन हो. लेबनान में इस साल हुए चुनाव में साद हरीरी के नेतृत्व वाले सीरिया विरोधी गठबंधन को जीत हासिल हुई थी. |
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