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सीरिया मुद्दे पर सुरक्षा परिषद में चर्चा हो: बुश | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका ने कहा है कि लेबनान के पूर्व प्रधानमंत्री रफ़ीक हरीरी की हत्या के मामले में अंतरराष्ट्रीय समुदाय सीरिया से जवाब माँगे. अमरीका के राष्ट्रपति बुश ने इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की विशेष बैठक आयोजित करने की तत्काल ज़रूरत बताई है. उधर सीरिया ने संयुक्त राष्ट्र की उस जाँच रिपोर्ट की निंदा की है जिसमें हरीरी की हत्या में सीरिया के ख़ुफ़िया अधिकारियों का हाथ होने की बात कही गई है. संयुक्त राष्ट्र की जाँच रिपोर्ट में कहा गया है कि उपलब्ध सबूतों के आधार पर लेबनान के पूर्व प्रधानमंत्री रफ़ीक हरीरी की हत्या में सीरिया का हाथ होने का संकेत है. रफ़ीक हरीरी फ़रवरी 2005 में लेबनान की राजधानी बेरूत में हुए एक कार बम धमाके में मारे गए थे. अमरीका की विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में चिंताजनक जानकारी है. संयुक्त राष्ट्र में अमरीकी दूत जॉन बोल्टन का कहना है कि कई विकल्पों पर विचार हो रहा है. 'राजनीति से प्रेरित रिपोर्ट' सीरिया के सूचना मंत्री मेहदी दख़लल्लाह ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की जाँच रिपोर्ट पूरी की पूरी राजनीति से प्रेरित है. दख़लल्लाह ने अरबी टेलीविज़न चैनल अल जज़ीरा को बताया कि यह रिपोर्ट उन गवाहों के आरोपों पर आधारित है जो सीरिया विरोधी विचारों के लिए जाने जाते हैं. गुरूवार को जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि हत्याकांड में सीरिया की सीधी भागीदारी का संकेत मिलता है. जर्मन मजिस्ट्रेट डेटलेफ़ मेहलिस अगुआई वाले जाँच दल की इस रिपोर्ट में हरीरी हत्या कांड में लेबनान की मिलीभगत की भी बात की गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि सीरिया को अभी बहुत से अनसुलझे सवालों का जवाब देना है, जैसे, सीरिया के बहुत से अधिकारियों और मंत्रियों ने झूठे बयान देकर जाँच को गुमराह करने की कोशिश की. खंडन उधर लेबनान के राष्ट्रपति एमाइल लाहौद ने जाँच रिपोर्ट में इन आरोपों का खंडन किया है कि जिस धमाके में रफ़ीक हरीरी की मौत हुई थी उससे कुछ ही देर पहले एक संदिग्ध अभियुक्त ने उन्हें (लाहौद को) टेलीफ़ोन किया था.
राष्ट्रपति एमाइल लाहौद को सीरिया का समर्थक माना जाता है. लेबनान की राजधानी बेरूत में मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि जाँच रिपोर्ट जारी होने के बाद लाहौद पर इस्तीफ़ा देने का दबाव बढ़ रहा है. संवाददाता का कहना है कि बहुत से आम लोगों को भी इस रिपोर्ट को देखकर झटका लगा है जो इस रिपोर्ट के राजनीतिक नतीजों को पूरी तरह नहीं समझते हैं. कुछ परिवारों ने अपने बच्चों को इस डर से शुक्रवार को स्कूल नहीं भेजा कि कहीं हिंसा ना भड़क उठे. रफ़ीक हरीरी की फ़रवरी 2005 में एक बम विस्फोट में मौत के बाद लेबनान में राजनीतिक उथल-पुथल शुरू हो गई थी जिसके बाद नए चुनाव हुए और सरकार बदली. लेबनान में कई दशकों से मौजूद सीरियाई सैनिकों को भी हटाने के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव बना जिसके बाद सीरिया को अपने सैनिक हटाने पड़े. |
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