BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शनिवार, 22 अक्तूबर, 2005 को 22:44 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
'मेलमिलाप के प्रयासों को शिया समर्थन'
अम्र मूसा
मूसा अमरीकी हमले के बाद पहली बार इराक़ पहुँचे हैं
अरब लीग के प्रमुख अम्र मूसा ने कहा है कि इराक़ में विभिन्न सांप्रदायिक गुटों के बीच मेलमिलाप के प्रयासों में उन्हें सर्वोच्च शिया नेता का समर्थन मिला है.

मूसा ने इराक़ी शियाओं के सर्वोच्च आध्यात्मिक नेता अयातुल्ला अली अल-सिस्तानी से नज़फ़ शहर में मुलाक़ात की.

इराक़ पर अमरीकी हमले के बाद पहली बार इराक़ की यात्रा कर रहे मूसा ने सुन्नी मुसलमानों के प्रतिनिधियों से भी मुलाक़ात की है.

बग़दाद से बीबीसी संवाददाता कैरोलीन हॉली के अनुसार मूसा की यात्रा से इराक़ के विभाजन की आशंकाओं के मद्देनज़र अरब लीग की चिंता ज़ाहिर होती है.

उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ महीनों के दौरान इराक़ के बहुसंख्यक शिया समुदाय और सुन्नियों के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है.

दोनों समुदायों के चरमपंथी तत्व आत्मघाती हमले कर रहे हैं.

मतभेद बढ़ाने वाला संविधान

इराक़ के जिस नए संविधान पर जनमत संग्रह कराया गया है उसे देश को एकजुट करने में सहायक दस्तावेज़ के रूप में पेश किया गया था, लेकिन इससे दोनों प्रमुख समुदायों के बीच विभाजन ही बढ़ा है.

जनमत संग्रह के शुरूआती परिणामों से साफ ज़ाहिर है कि शिया और सुन्नी मतदाताओं ने सांप्रदायिक आधार पर वोटिंग की है.

शियाओं ने संविधान का बढ़चढ़ कर समर्थन किया है, जबकि सुन्नियों ने इसका विरोध किया है.

माना जाता है कि बहुसंख्यक शियाओं के समर्थन से संविधान को मंज़ूरी मिलने में कोई संदेह नहीं है.

हालाँकि तीन प्रांतों में से हरेक प्रांत के मतदाताओं को दो तिहाई बहुमत से संविधान के मसौदे को वीटो करने का अधिकार है.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>