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संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में सीरिया का नाम | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र की जाँच रिपोर्ट के अनुसार उपलब्ध सबूत लेबनान के पूर्व प्रधानमंत्री रफ़ीक हरीरी की हत्या में सीरिया का हाथ होने की ओर इशारा करते हैं. गुरूवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि हत्याकांड में सीरिया की सीधी भागीदारी का संकेत मिलता है. इस रिपोर्ट में हरीरी हत्या कांड में लेबनान की मिलीभगत की भी बात की गई है. रफ़ीक हरीरी इसी साल फ़रवरी में एक कार बम धमाके में मारे गए थे. जर्मन अधिकारी डेटलेफ़ मेहलिस ने संयुक्त राष्ट्र के जाँच दल की अगुआई की. मेहलिस ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि हत्या में शामिल लोगों ने महीनों की तैयारी के बाद रफ़ीक हरीरी को निशाना बनाया होगा. मिलीभगत संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कहा गया है कि वरिष्ठ सीरिया अधिकारियों की सहमति के बिना हत्याकांड की योजना नहीं बनी होगी, और बिना लेबनानी सुरक्षा अधिकारियों की मिलीभगत के योजना पर अमल नहीं हुआ होगा. संयुक्त राष्ट्र में अमरीका के राजदूत जॉन बोल्टन ने कहा है कि रिपोर्ट में सीरिया का नाम आने के बाद आगे क्या कार्रवाई हो इस पर कई देश विचार-विमर्श कर रहे हैं. संवाददाताओं के अनुसार दमिश्क में वरिष्ठ सीरियाई अधिकारियों से मेहलिस की पूछताछ के बाद से ही ऐसी संभावनाएँ व्यक्त की जा रही थीं कि रिपोर्ट में सीरिया का नाम आ सकता है. रफ़ीक हरीरी की मौत के बाद लेबनान की राजनीति में तूफ़ान आ गया था. वहाँ की सरकार बदल गई और भारी अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद सीरिया को वहाँ से अपनी सेनाएँ हटानी पड़ी. |
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