BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
मंगलवार, 18 अक्तूबर, 2005 को 01:30 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
'सरकारें आपदा से निपटने में नाकाम'
नाइजर
आपदाओं से निपटने के तरीकों को लेकर कई देशों में सरकारों की आलोचना हुई है
वर्ष 2005 शुरू हुआ सूनामी लहरों से मचे ताँडव के साए में, फिर इसने न्यू ऑर्लियंस शहर की तबाही देखी, गुआटेमाला में बाढ़ का प्रकोप देखा और अब दक्षिण एशिया में भूकंप की विनाशलीला देख रहा है.

ब्रिटेन की चैरिटी संस्था ऑक्सफ़ैम ने आपदाओं पर एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें कहा गया है कि सरकारें इन आपदाओं से निपटने में नाकाम रही है.

रिपोर्ट कहती है कि मानवीय सहायता तो दी जाती है लेकिन उससे सभी को लाभ नहीं हो पाता.

मदद अकसर देर से पहुँचती है और कई बार मीडिया में आ रही ख़बरों के आधार पर तय की जाती है न कि इस आधार पर कि असल में आवश्यकता कितनी है.

ग़रीबों पर मार

पिछले पाँच वर्षों में ना केवल पहले की तुलना में अधिक प्राकृतिक आपदाएँ हुई हैं बल्कि उनसे पहले की अपेक्षा अधिक लोग प्रभावित हुए हैं .

प्रभावित लोगों में निर्धन राष्ट्रों के लोग सबसे अधिक हैं.

इस महीने गुआटेमाला में बाढ़ आई लेकिन उसकी चर्चा मीडिया में कम ही रही और हुआ ये कि संयुक्त राष्ट्र ने जितनी राहत जुटाई वह आवश्यकता का केवल एक प्रतिशत भर थी.

ऑक्सफ़ैम अब ब्रिटेन सरकार के एक प्रयास का समर्थन कर रही है जिसके तहत आकस्मिक घटनाओं के लिए हर वर्ष एक अरब डॉलर की राशि का एक कोष बनाने की कोशिश हो रही है.

अगर ये कोष बना तो इससे नाइजर जैसे देशों में स्थिति गंभीर होने से पहले ही जल्दी राहत उपलब्ध करवाई जा सकेगी.

साथ ही कॉंगो और उत्तरी यूगांडा जैसे उन स्थानों में आई विपदाओं के लिए भी अधिक सहायता दी जा सकेगी जो मीडिया की सुर्ख़ियों से दूर रहते हैं.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>