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हमास ने कहा कि संघर्ष जारी रहेगा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास ने ग़ज़ा से इसराइली वापसी का स्वागत किया है, लेकिन इसराइल के ख़िलाफ़ अपना सशस्त्र संघर्ष रोकने से इनकार किया है. उल्लेखनीय है कि सोमवार से इसराइली सेना ग़ज़ा से यहूदी निवासियों को बाहर निकलना शुरू करेगी. हमास नेताओं ने कहा है कि इसराइल की वापसी हमास की कार्रवाइयों का ही परिणाम है. हमास ने इसे फ़लस्तीनी आज़ादी की दिशा में पहला क़दम बताया है. ग़ज़ा से बीबीसी के एक संवाददाता के अनुसार इसराइली वापसी का मुद्दा वहाँ बहुत ही बड़ा है और आनेवाले चुनाव के मद्देनज़र हमास इस बात का श्रेय लेना चाहता है. हमास ने जनवरी में होने वाले संसदीय चुनाव में भाग लेने की घोषणा कर रखी है. आशंका हमास ने कहा है कि वह इसराइली नागरिकों की वापसी के दौरान कोई हिंसक कार्रवाई नहीं करेगा. लेकिन संवाददाताओं का कहना है कि हमास के आश्वासन के बावजूद अन्य फ़लस्तीनी सशस्त्र संगठनों के हिंसा पर उतारू होने की आशंका बनी हुई है. ऐसी आशंका के मद्देनज़र इसराइल ने घोषणा कर रखी है कि इसराइली नागरिकों की वापसी के दौरान फ़लस्तीनियों ने उकसावे वाली कोई कार्रवाई की तो बदले में वह सख़्त कार्रवाई करेगा. इस बीच ग़ज़ा में बसे क़रीब आठ हज़ार यहूदी वापसी के तैयारियों में लगे हैं. |
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