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इसराइली वित्त मंत्री ने इस्तीफ़ा दिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल के वित्त मंत्री बिन्यामिन नेत्यन्याहू ने गज़ा पट्टी से यहूदी बस्तियाँ हटाए जाने का विरोध करते हुए मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा दे दिया है. उन्होंने ये घोषणा इसराइली सरकार के मंत्रिमंडल की उस बैठक में की जिसमें गज़ा से बस्तियाँ हटाने के पहले चरण की विस्तृत योजना को मंजूरी दे दी गई. मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन की इस योजना पर रविवार को चर्चा कर, अगले सप्ताह से यहूदी बस्तियों को हटाने की योजना को लागू करने की मंजूरी दी. उधर प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन का कहना था कि नेत्यन्याहू के इस्तीफ़े से इसराइली आर्थिक नीतियों में कोई परिवर्तन नहीं होगा. अब नेत्यन्याहू की जगह उप प्रधानमंत्री ईहद ओलमर्ट लेंगे. 'लापरवाही वाला कदम' उधर नेत्यन्याहू का कहना था कि बस्तियों को हटाया जाना लापरवाही वाला कदम है जिससे इसराइल को बदले में कुछ नहीं मिल रहा. उनका कहना था कि इससे लोगों में मतभेद पैदा होंगे और इसराइल की सुरक्षा को भी नुकसान होगा. नेत्यन्याहू लंबे समय से यहूदी बस्तियाँ हटाने की योजना का विरोध करते रहे हैं. अब इस योजना के पहले चरण के तहत दूरदराज़ की नेत्ज़ारिम, क्फ़ार दारोम और मोराग स्थित बस्तियों को हटाया जाएगा. पर्यवेक्षकों का मानना है कि बस्तियों में रहने वाले कुछ यहूदी निवासी इस योजना का ज़ोरदार विरोध कर सकते हैं. |
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