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शनिवार, 06 अगस्त, 2005 को 13:13 GMT तक के समाचार
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हिरोशिमा ने याद किया उस दिन को
हिरोशिमा
शांति पार्क में शांति के प्रतीक कबूतर उड़ाए गए
हिरोशिमा पर परमाणु बम हमले की 60वीं बरसी पर नेताओं ने परमाणु निशस्त्रीकरण की अपील की है. हिरोशिमा के मेयर तदातोशी अकिबा ने परमाणु शक्ति संपन्न देशों पर आरोप लगाया है कि वे परमाणु निशस्त्रीकरण पर जनता की आकांक्षाओं का गला घोंट रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने भी परमाणु अप्रसार की ज़रूरत बताई है. उन्होंने कहा कि दुनिया ने इस दिशा में काफ़ी कम प्रगति की है.

हिरोशिमा पर 60 साल पहले छह अगस्त 1945 को अमरीका ने परमाणु बम गिराया था. परमाणु बम हमले और उसके बाद इसके असर से क़रीब एक लाख 40 हज़ार लोग मारे गए थे.

हिरोशिमा हमले की बरसी पर मुख्य कार्यक्रम शहर के बीचो-बीच स्थित शांति पार्क में हुआ. इस शांति पार्क में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और मारे गए लोगों को याद किया. 1945 के परमाणु हमले में बच गए हिबाकुशा भी वहाँ मौजूद थे.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने इस मौक़े पर कहा कि परमाणु हथियार के प्रसार को रोकने के लिए दुनिया ने कम प्रगति की है.

हिरोशिमा में परमाणु बम हमले की 60वीं बरसी पर कोफ़ी अन्नान का बयान पढ़ा गया. अन्नान ने अपने बयान में कहा, "आज हम सभी हिबाकुशा हैं. हमें परमाणु हथियारों का प्रसार रोकने के लिए केंद्रित क़दम उठाने की आवश्यकता है."

मौन

छह अगस्त 1945 को सुबह आठ बजकर 15 मिनट पर हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराया गया था. ठीक उसी समय हिरोशिमा के शांति पार्क में एक बड़ा घंटा बजाया गया. इस मौक़े पर क़रीब 55 हज़ार लोग इकट्ठा हुए.

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मारे गए लोगों को याद किया गया

मारे गए लोगों की याद में बने स्मारक पर लोगों ने फूल चढ़ाए. बच्चों ने काले और उजले कपड़े पहन रखे थे.

जापान के प्रधानमंत्री जुनिचिरो कोईज़ुमी ने कहा कि बम हमले के बाद इस शहर ने हमेशा शांति की कोशिश की है.

उन्होंने कहा, "हिरोशिमा के नागरिक अंतरराष्ट्रीय शांति के गवाह हैं. हमें उम्मीद है कि हिरोशिमा आगे भी अंतरराष्ट्रीय शांति का प्रतीक बना रहेगा."

एक मिनट के मौन के दौरान हिरोशिमा के मेयर तदातोशा अकिबा ने वहाँ मौजूद लोगों का नेतृत्व किया. उन्होंने कहा कि बम हमले में मारे गए लोगों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि दुनियाभर से परमाणु हथियारों का ख़ात्मा कर दिया जाए.

60 साल पहले हुए इस परमाणु हमले को "लिटिल बॉय" का नाम दिया गया था जिससे 4000 डिग्री सेल्सियस वाली गर्मी की एक लहर पैदा हुई और यह क़रीब साढ़े चार किलोमीटर के दायरे में फैल गई.

लोग उसमें झुलसकर रह गए और देखते ही देखते जीते जागते इंसान लाशों में बदलने लगे.

दुनियाभर के इतिहास में पहली बार परमाणु बम का प्रयोग किया था. कुछ विश्लेषकों का मानना है कि परमाणु हमले से दूसरे विश्व युद्ध को जल्दी समाप्त करने में मदद मिली थी.

66धमाके के बाद
हिरोशिमा पर दुनिया का पहला एटम बम गिराए जाने के बाद के कुछ चित्र.
66'हमें अफ़सोस नहीं है'
हिरोशिमा पर बम गिरानेवाले विमान के चालक दल को कोई अफ़सोस नहीं है.
66हिरोशिमाः तब और अब
पिछले 60 वर्षो में कितना कुछ बदलाव हुआ है हिरोशिमा के जीवन में.
66पहले धमाके का वीडियो
दुनिया के पहले एटम बम का परीक्षण 60 साल पहले हुआ था. देखिए वीडियो.
66'डरावने सपने आते हैं'
हिरोशिमा में उस धमाके के बाद बचे लोगों की ज़िंदगी कुछ ही पल में बदल गई.
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