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सोमवार, 11 जुलाई, 2005 को 08:34 GMT तक के समाचार
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पहले मृतक की पहचान की गई
पुलिस
पुलिस और फ़ोरेंसिक विशेषज्ञ अभी घटनास्थल से नमूने एकत्र कर रहे हैं
लंदन बम धमाकों में मारे गए 49 लोगों में से पहले व्यक्ति की औपचारिक पहचान कर ली गई है.

पुलिस ने मारी गई इस महिला का नाम 53 वर्षीय सुज़न लेवी बताया है जो लंदन की निवासी थीं और किंग्स क्रॉस तथा रसेल स्क्वायर के बीच एक भूमिगत ट्रेन में हुए धमाके में मारी गईं.

लेकिन पुलिस अभी भी कई शवों की पहचान कर रही है.

कई लोगों के नाम अख़बारों में आ चुके हैं और उनके संबंधियों में इस बात को लेकर नाराज़गी है कि पुलिस मरनेवालों के नाम बताने में इतना समय क्यों ले रही है.

 हमने उनके परिवारवालों को अनौपचारिक रूप से सूचित कर दिया है लेकिन आधिकारिक पहचान एक क़ानूनी प्रक्रिया है जो चल रही है
स्कॉटलैंड यार्ड

लेकिन पुलिस का कहना है कि उन्हें शवों की पहचान के लिए कुछ क़ानूनी प्रावधानों का पालन करना पड़ रहा है जिसमें समय लग रहा है.

स्कॉटलैंड यार्ड का कहना है कि अनौपचारिक रूप से ये पता कर लिया गया है कि मारे गए 49 लोग कौन हैं.

स्कॉटलैंड यार्ड के एक प्रवक्ता ने बीबीसी से कहा,"हमने उनके परिवारवालों को अनौपचारिक रूप से सूचित कर दिया है लेकिन आधिकारिक पहचान एक क़ानूनी प्रक्रिया है जो चल रही है".

लंदन में जीवन

अंडरग्राउंट ट्रेन में यात्री
लंदन में धमाकों के बाद के पहले हफ़्ते में लोग काम पर निकले

इस बीच पिछले सप्ताह गुरूवार को हुए बम धमाकों के बाद पहले नए सप्ताह में लंदनवासी मध्य लंदन में अपने दफ़्तरों की ओर निकले.

हालाँकि मध्य लंदन में अभी भी कुछ खंडों में भूमिगत रेल सेवा बंद है और जाँच कर रहे विशेषज्ञ उन रेलगाड़ियों की जाँच कर रहे हैं जिनमें विस्फोट हुए थे.

पुलिस का कहना है कि बमकांड में शामिल होनेवाले कुछ लोग अभी भी खुले घूम रहे हो सकते हैं जिसके कारण कड़ी निगरानी की जा रही है.

अभी तक लंदन बम धमाकों के सिलसिले में किसी को गिरफ़्तार नहीं किया जा सका है.

गुरूवार सात जुलाई को मध्य लंदन में तीन भूमिगत रेलगाड़ियों और एक बस में विस्फोट हुआ था जिसमें 49 लोगों की जान चली गई थी और 700 लोग घायल हुए थे.

'आत्मघाती हमला नहीं'

लंदन में हुए धमाकों की जाँच कर रही सुरक्षा सेवाओं ने कहा है कि वे निश्चित तौर पर कह सकते हैं कि ट्रेन में धमाके आत्मघाती हमलावरों ने नहीं किए थे.

ताज़ा रिपोर्टों के अनुसार जाँचकर्ताओं का मानना है कि हमलावर धमाकों से कुछ ही क्षण पहले भूमिगत रेलगाड़ियों से निकल गए थे.

जाँचकर्ताओं का मानना है कि हमलावर किंग्सक्रॉस स्टेशन पर एकत्र हुए और फिर अलग-अलग दिशाओं में चले गए.

ये माना जा रहा है कि हमलावरों ने वही रणनीति अपनाई जो पिछले साल स्पेन में हुए बम धमाकों के समय हमलावरों ने अपनाई थी.

लेकिन बस में हुए बम धमाके के बारे में जाँचकर्ताओं का मानना है कि संभावना है कि हमलावर भी धमाके में मारा गया.

लेकिन उनका ये भी कहना है कि ज़रूरी नहीं कि बस में धमाका करने वाले हमलावर की योजना धमाका कर बस में अपनी जान देने की थी.

जाँच और अपील

रविवार को स्कॉटलैंड यार्ड ने जनता से अपील की थी कि हमलों के दौरान मोबाइल फ़ोन से खींची गई तस्वीरें और वीडियो पुलिस जाँच के लिए सौंप दें.

पुलिस का मानना है कि धमाकों के दौरान और उसके फ़ौरन बाद खींची गई तस्वीरों और रिकॉर्डिंग से काफ़ी महत्वपूर्ण सुराग़ मिल सकते हैं.

इस अपील पर लोगों ने कुछ ही घंटे में अनेक तस्वीरें और वीडियो पुलिस को एक ई-मेल पते पर भेज दिए.

लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पर आतंकवाद विरोधी क़ानून के तहत तीन लोगों को गिरफ़्तार भी किया है लेकिन गुरूवार के धमाकों से उनका संबंध होने की पुष्टि नहीं की है.

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