|
फ़लस्तीनी ठिकानों पर हमला | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइली सेना ने कहा है कि उसके लड़ाकू विमानों ने गज़ा पट्टी में कुछ फ़लस्तीनी ठिकानों पर मिसाइल दाग़े हैं. सेना के अनुसार ये ठिकाने बित हानून शहर में हथियारों के गोदाम थे जिनमें रॉकेट और मोर्टार रखे हुए थे. हालांकि फ़लस्तीनियों का कहना है कि ये हथियारों के गोदाम नहीं बल्कि एक पंप हाउस था. हमले में कोई घायल नहीं हुआ है लेकिन कुछ घरों को नुकसान पहुंचा है. इससे पहले इसराइली सेना ने गज़ा पट्टी में कई यहूदी शरणार्थियों को गिरफ्तार भी किया जो इस इलाक़े से इसराइल की वापसी का विरोध कर रहे थे. इसके अलावा शेब्बा फार्म्स पर हिज़बुल्ला के चरमपंथियों के साथ झड़प में एक इसराइली सैनिक की मौत हो गई है. शेब्बा फार्म्स वो जगह है जहाँ इसराइल, सीरिया और लेबनान की सीमाएं मिलती हैं. लोगों का विरोध बुधवार को सैनिकों को इसराइली लोगों का ही सामना करना पड़ा. गज़ा पट्टी में बनी कालोनियों में रहने वाले यहूदी लोग इसराइल की इस इलाक़े से वापसी के कड़े विरोध में सड़कों पर आ गए थे. लोगों ने यरुशलम में यातायात पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया. भारी संख्या में युवा लोगों ने सुनियोजित तरीके से प्रदर्शन किया. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर पानी की तेज़ बौछारें छोड़ी और उन्हें तितर-बितर करने का प्रयास किया और बाद में कुछ गिरफ़्तारियां भी की गई. शांति योजनाओं के तहत इसराइल ने गज़ा पट्टी से वापस लौटने का फैसला किया है जिसके तहत वहां बनी 21 यहूदी बस्तियों को भी हटाया जाएगा. इन बस्तियों में आठ हज़ार से अधिक यहूदी लोग रहते हैं. इसराइल के प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने कहा है कि सरकार इस प्रस्ताव का विरोध करने के लिए हिंसक रास्ता अपनाने वालों के साथ सख्ती से निपटेगी. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||