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मध्यपूर्व का घटनाचक्र कुछ ऐसा रहा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मध्यपूर्व में इस साल फ़रवरी महीने में एक बड़ी शुरुआत हुई जहां अरियल शेरॉन और फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास की मुलाक़ात हुई और युद्वविराम पर सहमति बनी. पिछले छह महीने का समयचक्र कुछ यूं रहा है. 8 फ़रवरी, 2005 – मिस्र के श्राम अल शेख शहर में इसराइली प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन और फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास की मुलाक़ात. दोनों पक्ष युद्ध विराम को तैयार. 15 फ़रवरी, 2005 – प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने घोषणा की कि पश्चिमी तट की प्रमुख यहूदी बस्तियों को नहीं हटाया जाएगा. 21 फ़रवरी 2005 – समझौते के तहत इसराइल ने पाँच सौ फ़लस्तीनी क़ैदियों को रिहा किया. 24 फ़रवरी, 2005 – यासिर अराफ़ात के वफ़ादार मंत्रियों की जगह टैक्नोक्रैट लोगों को मंत्री बनाए जाने को संसद की मंज़ूरी. 25 फ़रवरी, 2005 – तेल अवीव में आत्मघाती बम हमले में चार लोग मारे गए. शांति प्रयासों को तगड़ा झटका. 1 मार्च, 2005 – फ़लस्तीन के मुद्दे पर लंदन में दो दिन का सम्मेलन शुरू. 30 मार्च, 2003 – पचास के दशक में मिस्र में गड़बड़ी फैलाने वाले पाँच इसराइली चरमपंथियों को इसराइल ने सम्मानित किया. 9 अप्रैल, 2005 – राफ़ा में इसराइली सैनिकों ने तीन फ़लस्तीनी किशोरों को गोली मारी. 4 मई, 2005 —इसराइली सैनिकों ने दीवार का विरोध कर रहे दो बच्चों को गोली मारी. 9 मई, 2005 – अरियल शेरॉन ने ग़ज़ा पट्टी से यहूदी बस्तियों को हटाए जाने की योजना अगस्त तक टालने का ऐलान किया. 20 जून, 2005 – इसराइली अधिकारियों ने इस्लामी जेहाद के पचास कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार किया. 21 जून, 2005—अरियल शेरॉन और महमूद अब्बास के बीच यरुशलम में शिखर सम्मेलन. |
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