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'गज़ा की यहूदी बस्तियाँ ढहाई जाएँगी' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने कहा है कि इसराइली और फ़लस्तीनी नेता गज़ा पट्टी में यहूदी बस्तियाँ ढहाने के लिए तैयार हो गए हैं. ये क़दम इसराइल के गज़ा पट्टी से बाहर निकलने की योजना का ही हिस्सा है. मध्य पूर्व के दौरे पर गईं कोंडोलीज़ा राइस ने यरूशलम में इसराइली प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन से मुलाक़ात करने के बाद बस्तियां तोड़ने पर हुई सहमति की घोषणा की. कोंडोलीज़ा राइस ने पत्रकारों को बताया कि गज़ा पट्टी में रहनेवाले 12 लाख फ़लस्तीनियों के लिए वहाँ बनीं 1200 यहूदी बस्तियाँ तोड़ दी जाएँगी. राइस ने कहा,"हमारी सोच ये है कि इससे फ़लस्तीनी लोग ज़मीन का और अच्छी तरह इस्तेमाल कर सकेंगे". कोंडोलीज़ा राइस ने कहा है कि प्रस्तावित योजना को अमल में लाने से मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया को बल मिलेगा. योजना उल्लेखनीय है कि इसराइल के प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने पिछले साल फ़रवरी में गज़ा से यहूदी बस्तियों को हटाने की अपनी योजना घोषित की थी जिसके बाद से इन यहूदी बस्तियों के भविष्य के बारे में अनिश्चय की स्थिति बनी हुई थी. पिछले ही सप्ताह इसराइल के रक्षा मंत्री शॉल मोफ़ाज़ ने चेतावनी दी थी कि यहूदी बस्तियों को उजाड़ना ज़रूरी नहीं है और इससे सैनिकों की ज़िंदगी ख़तरे में पड़ सकती है. इसराइली योजना ये है कि गज़ा पट्टी और पश्चिमी तट के कुछ हिस्सों में रहनेवाले साढ़े आठ हज़ार यहूदियों और सैनिकों को इस वर्ष के अगस्त महीने से हटाना शुरू किया जाएगा. मगर गज़ा की बाहरी सीमा, तटवर्ती इलाक़ों और हवाई क्षेत्र पर इसराइल का नियंत्रण बना रहेगा. |
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