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ईरान में राष्ट्रपति चुनाव अब दूसरे दौर में | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरानी राष्ट्रपति चुनाव में किसी को आवश्यक मत नहीं मिला है और अब 24 जून को दूसरे दौर का मतदान होगा. दूसरे दौर के मुक़ाबले में दो उम्मीदवार होंगे- पूर्व राष्ट्रपति अकबर हाशमी रफ़संजानी और तेहरान के मेयर महमूद अहमदीनेजाद. राष्ट्रपति चुनाव की निगरानी करने वाली सर्वोच्च शूरा काउंसिल ने कहा है कि मतदान में कोई भी स्पष्ट विजेता उभर कर नहीं आया है और इस कारण दूसरे दौर का मतदान होगा. काउंसिल का कहना है कि दूसरे दौर का मतदान अगले शुक्रवार यानी 24 जून को होगा. ईरान में राष्ट्रपति पद के लिए हुए मतदान में अगर किसी उम्मीदवार को 50 प्रतिशत से ज़्यादा मत नहीं मिलते तो दूसरे दौर का मतदान होता है. शुक्रवार को मतदान में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी को देखते हुए तीन बार मतदान का समय बढ़ाया गया और आख़िरकार स्थानीय समय के अनुसार 11 बजे रात में मतदान ख़त्म हुआ. भागीदारी ईरान के गृह मंत्री का कहना है कि मतदान का प्रतिशत बहुत ज़्यादा रहा है. बीबीसी संवाददाता फ़्रांसिस हैरिसन का कहना है कि मतदान में लोगों की ज़्यादा हिस्सेदारी ईरान की इस्लामी व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मानी जा सकती है क्योंकि अमरीका वहाँ लोकतंत्र की स्थिति की आलोचना करता रहा है. चुनाव में महिलाओं और कई सुधारवादी नेताओं की उम्मीदवारी पर लगी रोक के कारण विरोधियों और छात्रों ने मतदान के बहिष्कार का आह्वान किया था. ईरान के राष्ट्रपति चुनाव में सात उम्मीदवार खड़े हैं. क़रीब हज़ार उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित कर दिया गया था. राष्ट्रपति पद की दौड़ में सबसे आगे चल रहे रफ़संजानी को मौलवियों का काफ़ी क़रीबी माना जाता है. लेकिन चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने उदारवादी रुख़ अपनाया और अमरीका सहित पश्चिमी देशों के साथ अच्छे संबंधों का वादा किया था. |
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