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शुक्रवार, 17 जून, 2005 को 22:13 GMT तक के समाचार
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ईरान में मतगणना शुरू, मुक़ाबला कड़ा
ईरान चुनाव
चुनाव में बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया
ईरान में नया राष्ट्रपति चुनने के लिए मतदान ख़त्म हो गया है और मतगणना शुरू हो गई है. 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से इसे सबसे कड़ा मुक़ाबला माना जा रहा है.

शनिवार को नतीजे आने की उम्मीद है. जानकारों का कहना है कि पहले दौर के मतदान में किसी को आवश्यक मत नहीं मिल पाएँगे.

ईरान में राष्ट्रपति पद के लिए हुए मतदान में अगर किसी उम्मीदवार को 50 प्रतिशत से ज़्यादा मत नहीं मिले तो दूसरे दौर का मतदान होता है.

वैसे राष्ट्रपति पद की दौड़ में पूर्व राष्ट्रपति अकबर हाशमी रफ़संजानी को सबसे आगे माना जा रहा है लेकिन अन्य सुधारवादी और कट्टरपंथी उम्मीदवार उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं और इस कारण संभावना व्यक्त की जा रही है कि नए राष्ट्रपति का फ़ैसला दूसरे दौर में ही हो पाएगा.

मतदान में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी को देखते हुए तीन बार मतदान का समय बढ़ाया गया और आख़िरकार स्थानीय समय के अनुसार 11 बजे रात में मतदान ख़त्म हुआ.

भागीदारी

ईरान के गृह मंत्री का कहना है कि मतदान का प्रतिशत बहुत ज़्यादा रहा है. बीबीसी संवाददाता फ़्रांसिस हैरिसन का कहना है कि मतदान में लोगों की ज़्यादा हिस्सेदारी ईरान की इस्लामी व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मानी जा सकती है क्योंकि अमरीका वहाँ लोकतंत्र की स्थिति की आलोचना करता रहा है.

चुनाव में महिलाओं और कई सुधारवादी नेताओं की उम्मीदवारी पर लगी रोक के कारण विरोधियों और छात्रों ने मतदान के बहिष्कार का आह्वान किया था.

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सबसे आगे माने जा रहे हैं रफ़संजानी

ईरान के राष्ट्रपति चुनाव में सात उम्मीदवार खड़े हैं. क़रीब हज़ार उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित कर दिया गया था.

राष्ट्रपति पद की दौड़ में सबसे आगे चल रहे रफ़संजानी को मौलवियों का काफ़ी क़रीबी माना जाता है. लेकिन चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने उदारवादी रुख़ अपनाया और अमरीका सहित पश्चिमी देशों के साथ अच्छे संबंधों का वादा किया था.

लेकिन राष्ट्रपति पद के लिए उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं पूर्व पुलिस प्रमुख मोहम्मद बाक़र क़ालीबाफ़ और सुधारवादी नेता मुस्तफ़ा मोइन.

बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि राष्ट्रपति चुनाव में मुख्य मुद्दा ये है कि क्या ईरान सुधार के रास्ते पर चलना जारी रखेगा या नहीं. दूसरा प्रमुख मुद्दा ईरान का बाहरी देशों के साथ संबंध है.

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