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पाँच महीने बाद फ़्रांसीसी पत्रकार रिहा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाँच महीने बाद इराक़ी चरमपंथियों के क़ब्ज़े से फ़्रांसीसी पत्रकार फ़्लोरेंस ओबेनैस और उनके इराक़ी अनुवादक हुसैन हनून अल सादी रिहा हो गए हैं. ओबेनैस के समाचार पत्र लिबरेशन ने कहा है कि वे बिल्कुल ठीक हैं. फ़्रांसीसी विदेश मंत्रालय ने घोषणा की है कि रविवार को ही वे फ़्रांस पहुँच रहीं हैं. ओबेनैस और उनके इराक़ी सहयोगी को छुड़ाए जाने के बारे में और कोई विवरण नहीं दिए गए हैं. पाँच जनवरी को उन्हें अगवा कर लिया गया था. फ़्रांसीसी मीडिया ने ओबेनैस को रिहा कराने के लिए बड़ा अभियान छेड़ा था. बग़दाद से बंधक बनाए जाने के बाद चरमपंथियों ने एक वीडियोटेप जारी किया था. वीडियोटेप में ओबेनैस ने फ़्रांसीसी सरकार से सहायता की अपील की थी. 44 वर्षीय ओबेनैस 18 सालों से लिबरेशन अख़बार से जुड़ी हुई हैं और उन्होंने दुनिया के कई संवेदनशील इलाक़ों से रिपोर्टिंग की है. इससे पहले पिछले साल दिसंबर में दो फ़्रांसीसी पत्रकारों को चरमपंथियों के क़ब्ज़े से रिहा कराया गया था. जॉर्ज मालब्रुनॉट और क्रिश्चियन चेस्नॉट को 20 अगस्त को बंधक बनाया गया था. उस समय फ़्रांसीसी अधिकारियों ने इनकार किया था कि फ़िरौती की रक़म अदा की गई थी. |
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