|
'सोवियत संघ' की भूमिका पर बयानबाज़ी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रूस की राजधानी मॉस्को में दुनियाभर के नेता यूरोप में दूसरे विश्व युद्ध की समाप्ति की 60वीं वर्षगाँठ मनाने के लिए इकट्ठा हो रहे हैं. लेकिन दूसरे विश्व युद्ध के बाद सोवियत संघ की भूमिका को लेकर बयानबाज़ी जारी है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर इस बात पर ज़ोर दिया है कि सोवियत संघ ने दुनिया को फासीवादी शक्तियों से मुक्त कराया. उन्होंने कहा कि तीन साल तक सोवियत सेनाओं ने अपने दम पर नाज़ी जर्मनी का मुक़ाबला किया. उन्होंने कहा कि युद्ध के नतीजे को फिर से आंकने की कोई भी कोशिश रूस की ऐतिहासिक स्मृतियों का अपमान होगी. शनिवार को अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा कि दूसरे विश्व युद्ध की समाप्ति से एक ओर जहाँ नाज़ीवाद का ख़ात्मा हुआ, वहीं इसका स्थान केंद्रीय और पूर्वी यूरोप में सोवियत दमन और क़ब्ज़े ने ले लिया. बुश ने कहा था कि पूर्वी यूरोप पर सोवियत संघ का नियंत्रण और दमन इतिहास की सबसे बड़ी भूलों में से एक था. नाज़ियों के ख़िलाफ़ संघर्ष के दौरान सिर्फ़ सोवियत संघ में दो करोड़ 60 लाख लोग मारे गए थे. यह आंकड़ा दूसरे विश्व युद्ध के दौरान मारे गए लोगों का क़रीब आधा बैठता है. समारोह मॉस्को में होने वाले समारोह में दुनियाभर के क़रीब 50 शासनाध्यक्ष इकट्ठा हो रहे हैं. अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश इस समारोह में हिस्सा लेने के लिए मॉस्को पहुँच गए हैं.
मॉस्को स्थित बीबीसी संवाददाता का कहना है कि रूस के राष्ट्रपति पुतिन चाहते हैं कि समारोह में सोवियत संघ की 'मुक्तिदाता' वाली छवि पर ही ध्यान केंद्रित रहे. लेकिन राष्ट्रपति बुश ने युद्ध के बाद सोवियत संघ की भूमिका पर सवाल उठाकर नई बहस छेड़ दी है. नाज़ी जर्मनी पर मित्र राष्ट्रों की जीत की 60वीं वर्षगाँठ यूरोप में मनाई जा रही है. इस अवसर पर ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड समेत यूरोप के कई देशों में विशेष समारोह हो रहे हैं. इस दिन को 'विक्ट्री इन यूरोप' या 'वीई डे' के नाम से जाना जाता है. उस युद्ध में जब संघर्ष पूरी तरह समाप्त हुआ था तब तक चार करोड़ से ज़्यादा लोगों की जान जा चुकी थी. श्रद्धांजलि अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने इस मौक़े पर रविवार को नीदरलैंड के शहर मास्ट्रिख़्ट में एक क़ब्रगाह पर जाकर श्रद्धांजलि दी जहाँ लगभग 8000 अमरीकी सैनिकों को दफ़नाया गया था.
राष्ट्रपति बुश नीदरलैंड में क़ब़्रिस्तान पर इसलिए गए क्योंकि यूरोप में ये ऐसा अकेला अमरीकी क़ब़्रिस्तान है जहाँ स्थानीय लोग सैनिकों की क़ब्रों की देखभाल करते हैं. अपनी पत्नी लॉरा बुश के साथ वहाँ जाने के बाद बुश ने कहा,"नीदरलैंड की ये ज़मीन अमरीकी सैनिकों के लिए घर जैसी है". राष्ट्रपति बुश ने स्थानीय ग्रामीणों का आभार प्रकट किया जो अमरीकी सैनिकों की क़ब्रों का ख़याल रखते हैं. जर्मनी में 'लोकतंत्र के महोत्सव' के रूप में मनाया जा रहा है. इस मौक़े पर बर्लिन में ब्रांडेनबर्ग गेट पर एक बड़ा समारोह हो रहा है जो क़रीब 48 घंटे चलेगा और उसमें संगीत और भाषण हो रहे हैं. बर्लिन में सोवियत संघ के उन सैनिकों की याद में श्रद्दांजलि दी जा रही है जो लड़ाई के दौरान वहाँ घुसे थे. जर्मनी हर साल आठ मई को 'नाज़ी शासन से मुक्ति दिवस' के रूप में मनाता है. विवाद फ्रांस में राष्ट्रपति ज़्याक शिराक ने राजधानी पेरिस में एक विशेष समारोह में हिस्सा लिया है. उन्होंने वहाँ भूतपूर्व सैनिकों को पदक दिए और बच्चों से मुलाक़ात की.
लंदन में युवराज चार्ल्स ने सैनिकों को श्रद्धांजलि दी है. इस मौक़े पर लंदन के केंद्र में ट्रैफ़लगर स्क्वायर पर एक संगीत समारोह भी हो रहा है. पोलैंड में वीई डे को लेकर कुछ विवाद उठ खड़ा हुआ है. वहाँ के प्रमुख विपक्षी दल ने मॉस्को समारोह में शामिल होने के राष्ट्रपति अलेक्ज़ांद्र क्वासनीव्सकी के फ़ैसले की आलोचना की है. पार्टी ने एक टीवी विज्ञापन में कहा है कि 1945 में नाज़ियों की हार से पोलैंड को स्वतंत्रता नहीं मिली बल्कि लगभग 50 साल का सोवियत साम्यवाद मिला. मगर राष्ट्रपति क्वासनीवस्की और उनके पूर्ववर्ती कम्युनिस्ट शासकों ने कहा है कि समारोह का बहिष्कार कर रूस से संबंध बिगाड़ना मूर्खता होगी. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||