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ग्रीनपीस के सह-संस्थापक का निधन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया में पर्यावरण के मुद्दे पर काम करने वाली सबसे बड़ी संस्थाओं में से एक ग्रीनपीस के सह-संस्थापक बॉब हंटर का निधन हो गया है. कनाडा के रहने वाले 63 वर्ष के हंटर कैंसर से पीड़ित थे. उन्होंने 1971 में ग्रीनपीस की स्थापना में सहायता की और इसके बाद वे लगातार परमाणु और प्रदूषण के मुद्दे को दुनिया भर में उठाते रहे. हंटर को एक पत्रकार और लेखक के रुप में भी जाना जाता है. ग्रीनपीस कनाडा के चेयरमैन जॉन दोहर्ति ने हंटर के बारे में कहा, "वे एक प्रेरणादायक लेखक, निर्भीक लड़ाके और आडंबरहीन करिश्माई व्यक्ति थे." उन्होंने कहा कि वे हमेशा अपने हास्यबोध को बनाए रखते हुए दुनिया को बचाने के लिए गंभीरता से प्रयास करते थे. हंटर ने ही व्हेल और सील मछलियों को बचाने के लिए अभियान की भी शुरुआत की. वे मानते थे कि पर्यावरण को लेकर दुनिया की सबसे बड़ी क्रांति होगी जिससे सब कुछ बदल जाएगा. उनके एक मित्र रैक्स वीलर ने कहा, "वे एक बड़े विचारक थे और उन्होंने 1970 के दशक में पर्यावरण के बारे में आंदोलन की शुरुआत की जब उसके बारे में कोई सोचता नहीं था." अमरीका की टाइम पत्रिका ने हंटर को 20वीं सदी का सबसे प्रमुख ईको-हीरो कहा था. ग्रीनपीस संस्था अब चालीस देशों में काम करती है और इसके 25 लाख सदस्य हैं. |
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