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संयुक्त राष्ट्र अपने तौर-तरीक़े बदले: राइस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र ने अपने प्रबंधन के तौर-तरीक़े नहीं बदले तो अंतरराष्ट्रीय राजनीति में यह प्रभावी नहीं रह जाएगा. वाशिंग्टन में अमरीकी पत्रकारों से बातचीत में राइस ने कहा कि हर किसी को पता है कि संयुक्त राष्ट्र में कुछ चीज़ें ठीक किए जाने की ज़रूरत है. राइस ने संयुक्त राष्ट्र में अमरीकी दूत के रूप में जॉन बोल्टन के नाम का प्रस्ताव किए जाने को सही ठहराते हुए कहा कि वह एक कड़क अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं और उनका मिशन संयुक्त राष्ट्र में सुधारों के कार्यान्वयन में सहायता करना होगा. उल्लेखनीय है कि बोल्टन एक अरसे से संयुक्त राष्ट्र के तौर-तरीक़ों की आलोचना करते रहे हैं. उन्होंने एक बार कहा था कि अमरीका को यह सुनिश्चत करना चाहिए कि संयुक्त राष्ट्र उसके हित में ही काम करे. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के कार्यो में दोहराव की भी शिकायत की थी. हालाँकि अब बोल्टन ने कहा है कि वह संयुक्त राष्ट्र को ज़्यादा जवाबदेह बनाने के लिए काम करेंगे. अमरीकी विदेश मंत्रि कोंडोलीज़ा राइस ने संयुक्त राष्ट्र की आलोचना ऐसे समय की है जब विश्व संस्था इराक़ में तेल-के-बदले-अनाज योजना में भ्रष्टाचार और अफ़्रीका में शांति सैनिकों के यौन दुर्व्यवहार कांड में लिप्त होने जैसे गंभीर आरोपों से जूझ रहा है. |
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