| लेबर पार्टी का चुनाव के लिए 'कर' वादा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन में सत्ताधारी लेबर पार्टी ने आम चुनाव के लिए बुधवार को चुनावी घोषणा पत्र जारी किया है जिसमें सभी को समान मौक़े सुनिश्चित कराना पार्टी का मिशन बताया गया है. प्रधानमंत्री और लेबर पार्टी के नेता टोनी ब्लेयर ने कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में यह उनका आख़िरी चुनाव है. उन्होंने कहा, “इस घोषणा पत्र के पीछे हमारा एक बड़ा मिशन है ताकि देश के हर व्यक्ति को सफलता की और बढ़ने का अवसर मिल सके, अपनी प्रतिभा को साबित करने का मौक़ा मिल सके." "एक ऐसे ब्रिटेन का निर्माण हो जहाँ मेहनती, क़ाबिल और अच्छे नागरिकों का सम्मान हो.” पिछले दो आम चुनावों में पार्टी के नेता और ब्रिटेन के वर्तमान प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के बड़े-बड़े चित्र घोषणा-पत्र के मुखपृष्ठ पर होते थे, कुछ उसी तरह जैसे कि अमरीका में राष्ट्रपति पद के चुनावों के प्रचार के दौरान होते हैं. लेकिन इस बार बात कुछ अलग है. इस बार टोनी ब्लेयर के चित्र घोषणा पत्र के अंदर तो हैं लेकिन मुखपृष्ठ पर नहीं. बीबीसी संवाददाता जॉन डेविट कहते हैं कि इस बार लेबर पार्टी के प्रचार के केंद्र में टोनी ब्लेयर नहीं बल्कि पार्टी के दूसरे प्रमुख नेता गॉर्डन ब्राउन की आर्थिक नीतियाँ हैं. गॉर्डन ब्राउन ब्रिटेन के वर्तमान वित्त मंत्री हैं और माना जा रहा है कि अगर लेबर पार्टी की जीत होती है तो टोनी ब्लेयर कुछ समय बाद प्रधानमंत्री का पद छोड़ देंगे और उनकी जगह जो प्रधानमंत्री बनेगा उन नामों में सबसे आगे गॉर्डन ब्राउन का नाम है. विपक्षी दल विपक्षी दल कंज़रवेटिव पार्टी के नेता माइकल हॉवर्ड भी मानते हैं कि आर्थिक नीतियाँ इस चुनाव में अहम भूमिका निभाएँगी इसीलिए वह इन्हीं को लेकर लेबर पर निशाना साध रहे हैं.
हॉवर्ड कहते हैं, "आप एक बात तय मानें. अगर टोनी ब्लेयर जीतते हैं तो आपको ज़्यादा टैक्स देना पड़ेगा. मुझे लगता है कि ब्लेयर को अब तक ये समझ जाना चाहिए कि पिछले 8 साल में उन्होंने ब्रिटेन के लोगों को कितना निराश किया है – चाहे वो लगातार बढ़ते टैक्स का मामला हो, फ़िज़ूलख़र्ची का मुद्दा या लोगों का विश्वास तोड़ने की बात.” सत्ताधारी लेबर पार्टी का मानना है कि इराक़ युद्ध का विरोध करने के बावजूद बहुत से लोग दूसरी नीतियों पर लेबर के साथ हैं, इसीलिए वे लेबर पार्टी को ही वोट देंगे. लेकिन एक अन्य विपक्षी पार्टी लिबरल डेमोक्रैट्स ज़ोर-शोर से इराक़ का मुद्दा उठा रही है और उसकी माँग है कि ब्रिटेन को जल्द से जल्द अपनी सेना इराक़ से वापिस बुला लेनी चाहिए. उधर, प्रमुख विपक्षी पार्टी कंज़रवेटिव पार्टी का कहना है कि इराक़ युद्ध को लेकर प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने संसद में झूठ बोला कि इराक़ के पास महाविनाश के हथियार हैं और इसका ख़ामियाज़ा लेबर पार्टी को उठाना होगा. बीबीसी संवाददाता डेविड चज़ान कहते हैं कि जहाँ इस मुद्दे पर जमकर बहस हो रही है, किसी भी पार्टी को अभी ये साफ़ तौर पर पता नहीं है कि इराक़ युद्ध इस आम चुनाव के नतीजों को किस हद तक प्रभावित करेगा. |
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