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राइसिन हमलों की साज़िश में सज़ा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एक अल्जीरियाई मूल के चरमपंथी को ब्रिटेन में ज़हरीले विस्फ़ोटकों से हमला करने की साज़िश रचने के आरोप में 17 साल की क़ैद की सज़ा सुनाई गई है. कामिल बुरगास नाम के इस 31 वर्षीय अल्जीरियाई नागरिक को ख़तरनाक ज़हर बनाने के सामान के साथ लगभग दो साल पहले गिरफ़्तार किया गया था. राइसिन सायनाइड और बॉट्युलिनम टॉक्सिन दो ऐसे ज़हर हैं जिन्हें बनाने का सामान ब्रिटेन की पुलिस के आतंकवाद विरोधी दस्ते ने लंदन के एक मकान से ज़ब्त किया था. इसके अलावा उस मकान से एक चित्र मिला था जिसमें ये बताया गया था कि घर पर बम कैसे बनाया जा सकता है. ख़ुद कामिल बुरगास पहले ही मैंचेस्टर भाग चुका था जहाँ उसने एक पुलिसकर्मी स्टीवन ओक की हत्या भी की थी. बुधवार को जब अदालत में जूरी ने कामेल बुरगास को सज़ा सुनाई तो जूरी को यह नहीं पता था कि कामिल को पहले ही इस पुलिस अफ़सर की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई जा चुकी है. यह अफ़सर तब मारा गया था जब वो कामेल बुरगास को गिरफ़्तार करने की कोशिश कर रहा था. कामिल को तो सज़ा सुनाई गई लेकिन चार अन्य लोगों को निर्दोष क़रार दिया गया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अल क़ायदा कुछ समय से यूरोप भर में हमले करने की कोशिश करता रहा है और ब्रिटेन की भूमिगत रेल पर हमला करने की भी लगातार कोशिश होती रही है. |
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