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सीरियाई सैनिकों की वापसी: पहला चरण | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सीरिया ने लेबनान से अपने सैनिकों को पीछे हटाने का पहला चरण पूरा कर लिया है. लेबनानी अधिकारियों का कहना है कि सीरिया के सैनिक और ख़ुफ़िया एजेंट या तो पूर्व में सीमा के पास बेक़ा घाटी में चले गए हैं या फिर सीमा पार कर सीरिया में चले गए हैं. सीरिया ने पिछले दिनों अंतरराष्ट्रीय दबाव और लेबनान में व्यापक विरोध के बाद अपने सैनिकों को हटाने की घोषणा की थी. सीरिया सरकार ने लेबनान से अपने सभी सैनिकों को वापस बुलाने का वादा किया है मगर इसके लिए कोई तारीख़ नहीं तय की गई है. ऐसी ख़बरें हैं कि सीरियाई सैनिकों के दूसरे चरण की वापसी लेबनान और सीरिया की साझा सैन्य समिति की बैठक में तय होगा जो अप्रैल के पहले हफ़्ते में होगी. वापसी एक समाचार एजेंसी ने लेबनानी अधिकारियों को ये कहते हुए बताया है कि पहले चरण के बाद बेक़ा घाटी में अब 8,000 से 10,000 सीरियाई सैनिक और एजेंट बचे हैं. बाक़ी के सैनिक लेबनान से पूरी तरह से वापस चले गए हैं. सीरियाई सैनिक मुख्य रूप से उत्तरी लेबनान या उसकी राजधानी बेरूत या इसके आस-पास तैनात थे. सीरिया के इस क़दम से संयुक्त राष्ट्र के उस प्रस्ताव का पालन और निकट लग रहा है जिसमें लेबनान से ग़ैर-लेबनानी सैनिकों को हटाने और सशस्त्र बाग़ी दस्तों को ख़त्म करने की बात की गई है. हिज़्बुल्ला लेकिन लेबनान के मुख्य हथियारबंद गुट हिज़बुल्ला ने हथियार त्यागने की अमरीका की माँग को एक बार फिर मानने से इनकार किया है. शिया गुट हिज़्बुल्ला के नेता शेख़ हसन नसरूल्ला ने एक टेलीविज़न पर कहा,"हम हथियार विरोध करने के लिए रखते हैं क्योंकि हमारा मानना है कि हथियार ही लेबनान को बचाने का सबसे बढ़िया उपाय है". अमरीका सीरिया पर इस बात के लिए दबाव डाल रहा है कि वह लेबनान में मई में होनेवाले चुनाव से पहले संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का पालन करे. |
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