| मानवाधिकारों का हनन न हो: अन्नान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने आतंकवाद का सामना करने के लिए एक व्यापक समझौते पर अपनी प्राथमिकताओं की चर्चा की है. स्पेन के मैड्रिड शहर में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बोलते हुए उन्होंने इस विषय पर चर्चा की कि मानवाधिकारों का हनन किए बिना आतंकवाद का कैसे सामना किया जाए. उनका कहना था कि इस समय इस्तेमाल किए जाने वाले आतंकवाद निरोधक कदमों से मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रता का हनन होता है. पर्यवेक्षक इसे अमरीका की आलोचना के रूप में देख रहे हैं. उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र का एक निरीक्षक नियुक्त किया जाना चाहिए जो नज़र रखे कि आतंकवाद विरोधी पहल और कदम मानवाधिकारों का उल्लंघन तो नहीं करते. आतंकवाद स्वीकार्य नहीं उनका कहना था कि आतंकवाद की परिभाषा तय किए जाने पर लंबे समय से चल रही बहस संयुक्त राष्ट्र की आतंकवाद का सामना करने की क्षमता कम हो रही है. उन्होंने परमाणु और जैविक हथियारों से किए जाने वाले आतंकवाद का जल्द से जल्द सामना करने पर ज़ोर दिया. उनका कहना था कि ज़रूरी नहीं कि उन सभी शिकायतों का निवारण हो जिनके कारण चरमपंथी कार्रवाइयाँ होती हैं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव का कहना था कि आतंकवाद कभी भी स्वीकार्य नहीं हो सकता. उनका ये भी कहना था कि जो देश आतंकवाद का समर्थन करते हैं उनके ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगाए जाने चाहिए. |
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