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गरीबी उन्मूलन के वादे पूरे करें: रिपोर्ट | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर से ग़रीबी एक दशक के भीतर आधी की जा सकती है, बशर्ते धनी देश मदद देने के अपने संकल्प पर क़ायम रहें. संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफी अन्नान ने रिपोर्ट जारी करते हुए इस बात पर ज़ोर दिया कि अगर अमीर देश अपनी सालाना आय का 0.7 फीसदी हिस्सा ग़रीबी उन्मूलन के लिए देने का वादा पूरा करते रहें तो दुनिया के 50 लाख लोगों को ग़रीबी के हालात से बाहर निकाला जा सकता है. अभी तक केवल पाँच अमीर देश ही अपने इस वायदे को निष्ठापूर्वक पूरा कर रहे हैं. हालाँकि संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तरह ग़रीबी आधी करने का मकसद 2015 तक पूरा हो सकेगा, लेकिन सहायता संगठनों का मानना है कि इस लक्ष्य को और जल्दी पूरा करने का ध्येय होना चाहिए. इन लक्ष्यों को 'सहस्राब्दी विकास लक्ष्य' का नाम दिया गया था. सहायता संगठन एक्शनऐड ने बीबीसी को बताया कि अगर गरीबी उन्मूलन का उद्देश्य पूरा करना है तो दानकर्ता देशों को सहायता राशि बढ़ानी होगी. संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि 2015 तक सबको शिक्षा प्रदान करने के कार्यक्रम में भी तेज़ी लाई जानी चाहिए. इसके अलावा विकासशील देशों को कुछ क़दम उठाने की सलाह भी दी गई है. जैसे किसानों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना, विद्यालयों में मुफ्त भोजन और बच्चों को मलेरिया से बचाने के लिए मच्छरदानी दी जानी चाहिए. 'सहस्राब्दी विकास लक्ष्य' के प्रमुख जैफरी साचस् का कहना है कि अफ्रीका में हर महीने एक लाख पचास हज़ार बच्चे मलेरिया का शिकार होते हैं, जिसे अगर एक शान्त सूनामी कहें तो अतिशयोक्ति नहीं होगी. |
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