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पोप ने अचानक दर्शन दिए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कैथोलिक ईसाइयों के धर्म गुरू पोप जॉन पॉल द्वितीय ने रविवार को अस्पताल की खिड़की से अनपेक्षित रूप से लोगों को को दर्शन दिए. ग़ौरतलब है कि रोम के एक अस्पताल में बीते सप्ताह पोप के गले का ऑपरेशन किया गया था और वह डॉक्टरों की निगरानी में हैं. पोप को साँस लेने में तकलीफ़ की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. पोप अपनी परंपरागत सफ़ेद वेशभूषा में थे और उन्हें हाथ हिलाकर वहाँ मौजूद लोगों का अभिवादन किया. भीड़ ने पोप का ज़ोरदार स्वागत किया. पोप ने हाथों से क्रॉस का चिन्ह बनाया और अपने गले की तरफ़ इशारा किया, शायद श्रद्धालुओं को यह बताने के लिए कि उनके गले में अब भी तकलीफ़ है. इससे पहले समझा जा रहा था कि वह रविवार को श्रद्धालुओं को दर्शन नहीं दे सकेंगे. लेकिन रविवार अपना साप्ताहिक संदेश ख़ुद नहीं दे पाए और ऐसा पिछले 26 साल में पहली बार हुआ. हालाँकि उनके संदेश को श्रद्धालुओं के सामने पढ़कर सुनाया गया, जिसके लिए सेंट पीटर्स चौक पर हज़ारों श्रद्धालु जमा थे. अपने संदेश में पोप ने कहा वह उन सभी लोगों के लिए आराम और आशा की कामना करते हैं जो किसी तरह के कठिन दौर से गुज़र रहे हैं या किसी भी तरह कि समस्याओं का सामना कर रहे हैं. निगरानी उनके डॉक्टरों ने उन्हें चेतावनी दी है कि वे बात करने की कोशिश तक भी न करें. वेटिकन के अधिकारियों और डॉक्टरों ने फ़ैसला किया था कि उनकी हालत देखते हुए उन्हें अपने हस्पताल के कमरे की खिड़की से श्रद्धालुओं को हाथ हिलाकर आशीर्वाद देने का जोख़िम भी नहीं उठाना चाहिए. पोप लगभग 84 वर्ष के है और पिछले कई महीने से बुढ़ापे के कारण उन्हें किसी न किसी रोग के उपचार के लिए हस्पताल में भर्ती करवाया जाता रहा है. लेकिन उन्होंने अपना रविवार का संदेश देना और श्रद्धालुओं को दर्शन देना जारी रखा था. |
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