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हफ्ता भर अस्पताल में रहेंगे पोप | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कैथोलिक ईसाइयों के धर्मगुरू पोप जॉन पॉल द्वितीय की हालत अब ठीक है. वैटिकन ने प्रवक्ता ने बताया कि पोप को सांस लेने में तकलीफ के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया था और वो एक सप्ताह और अस्पताल में रह सकते हैं. वैटिकन के प्रवक्ता का कहना है कि चिंता की कोई बात नहीं है और अब पोप की हालत स्थिर है. उनका कहना है कि पोप की हालत में तेज़ी से सुधार हो रहा है और इस बारे में अधिक जानकारी बाद में दी जाएगी. रोम में बीबीसी संवाददाता डेविड विले के अनुसार पोप की हालत भले ही सुधर रही हो लेकिन सांस की बीमारी में अभी भी जटिलताएं बनी हुई हैं. वैटिकन के विदेश मंत्री कार्डिनल एंजेलो सोदानो का कहना है कि पोप का इलाज़ घर में भी किया जा सकता था लेकिन पोप डाक्टर की सलाह मानकर अस्पताल में भर्ती हुए हैं. वेटिकन के एक अन्य प्रवक्ता जेवियर लोजानो बरागन का कहना है कि पोप फिलरहा अस्पताल में रहेंगे ताकि अगर बीमारी में कोई जटिलता आए तो आसानी से इलाज़ उपलब्ध हो सके. उन्होंने कहा कि पोप को निमोनिया होने की आशंका है लेकिन इस समय उनका दिल और फेफड़े ठीक काम कर रहे हैं. पोलैंड में जन्मे 84 वर्षीय पोप को मंगलवार की रात तबीयत ख़राब होने के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया था. वेटिकन सूत्रों के अनुसार 84 वर्षीय पोप फ़्लू की चपेट में हैं. वेटिकन ने स्पष्ट किया है कि पोप को ऐहतियात के तौर पर अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उन्हें गहन चिकित्सा कक्ष यानी आईसीयू में रखे जाने की ज़रूरत नहीं है. पोप रविवार को फ़्लू की चपेट में आए और इस कारण पहले ही सप्ताह भर के लिए उनके कार्यक्रमों को रद्द करने की घोषणा कर दी गई थी. बड़ी उम्र के कारण पोप अक्सर अस्वस्थ हो जाते हैं. उन्हें पार्किंसन बीमारी है. पोप को घुटने और जोड़ों के दर्द की भी शिकायत है. |
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