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तेल के लिए अनाज कार्यक्रम 'दाग़दार' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में संयुक्त राष्ट्र के 'खाद्य सामग्री के लिए तेल की बिक्री' के कार्यक्रम की एक स्वतंत्र जाँच में इस कार्यक्रम के प्रबंधन और इसके प्रभारी अधिकारी की तीखी आलोचना की गई है. यह अंतरिम रिपोर्ट आज संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान को सौंपी गई हालाँकि इसके कुछ बिंदु जाँच टीम के मुखिया पॉल वोलकर ने वॉल स्ट्रीट जनरल को पहले ही बता दिए थे. पॉल वोलकर अमरीका के संघीय राजस्व विभाग के पूर्व चेयरमैन रह चुके हैं. वोलकर ने रिपोर्ट में कहा है कि इराक़ में खाद्य सामग्री के लिए तेल बिक्री कार्यक्रम में पारदर्शिता, निष्पक्षता और उत्तरदायित्व के संयुक्त राष्ट्र मानदंडों को नहीं अपनाया गया. पॉल वोलकर ने ख़ासतौर से इस कार्यक्रम के प्रभारी अधिकारी बेनन सेवन की तीखी आलोचना की है. बेनन सेवन संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी हैं. वोलकर ने कहा कि बेनन सेवन ने इराक़ी तेल के ख़रीददारों की मदद का रास्ता अपनाकर ख़ुद को 'हित टकराव' की गंभीर स्थिति में खड़ा कर लिया था. बेनन सेवन ने बार-बार यह कहा है कि उन्होंने कुछ भी ग़लत काम नहीं किया. इराक़ में 'अनाज के लिए तेल की बिक्री' कार्यक्रम 1996 से 2003 तक चला था और उस समय सद्दाम हुसैन का शासन था. इस कार्यक्रम के तहत सद्दाम हुसैन सरकार को इस शर्त पर तेल बिक्री की इजाज़त दी गई थी कि उससे मिलने वाली रक़म अनाज, दवाइयाँ और अन्य मानवीय ज़रूरतों की चीज़ों पर ही ख़र्च की जाएगी. इस कार्यक्रम के बारे में यह आरोप भी लगाए गए थे कि हो सकता है कि सद्दाम हुसैन ने तेल की बिक्री से मिलने वाले धन को अपने हितों के लिए इस्तेमाल किया हो. इराक़ के तेल बिक्री कार्यक्रम में भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद कोफ़ी अन्नान ने पिछले साल अप्रैल में पॉल वोलकर की अध्यक्षता में एक जाँच कमेटी बिठाई थी. |
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