BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
सोमवार, 31 जनवरी, 2005 को 02:18 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
इसराइलियों का संसद के सामने प्रदर्शन
इसराइली
यहूदी बस्तियाँ हटाने के मुद्दे पर ये लोग जनमतसंग्रह की माँग कर रहे हैं
फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ज़ा पट्टी से यहूदी बस्तियों को हटाने के इसराइली प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन की योजना का विरोध करने के लिए एक लाख से ज़्यादा इसराइली संसद के सामने एकत्र हुए हैं.

क़रीब एक लाख तीस हज़ार इसराइलियों ने प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन से गुज़ारिश की है कि ग़ज़ा पट्टी से यहूदी बस्तियाँ हटाने के मुद्दे पर जनमतसंग्रह कराएँ.

ग़ौरतलब है कि शेरॉन ने ग़ज़ा पट्टी से यहूदी बस्तियाँ हटाने की घोषणा पिछले साल की थी और इस साल ये बस्तियाँ हटाई जाएंगी.

रविवार को इसराइल सरकार ने कहा था कि वह पश्चिमी तट के कुछ शहरों का नियंत्रण फ़लस्तीनी प्रशासन को देने के लिए तैयार है.

प्रदर्शन

पश्चिमी तट रौ ग़ज़ा पट्टी में यहूदी बस्तियों की परिषद - येशा का कहना था कि यहूदी बस्तियों को हटाने की योजना का विरोध करने के लिए संसद के सामने एकत्र होने के लिए इतनी भारी संख्या में आए लोगों को देखकर वे भी चकित हैं.

एक बहुत बड़े बैनर पर लिखा था, "लोगों को ख़ुद फ़ैसला करने दो." इस धरने में लोगों को संबोधित करने के लिए लाउड स्पीकर भी लगाए गए हैं.

एक अन्य बैनर पर लिखा था, "शेरॉन इसराइली लोगों को अलग-थलग कर रहे हैं."

येशा के अध्यक्ष बेंतसी लीबरमैन का कहना था, "जब एक इसराइली सरकार ही ऐसा क़दम उठा रही है जिसमें इसराइलियों को उनके घरों से हटाया जा रहा है, तो इसे लोकतांत्रिक तरीक़े से किया जाना चाहिए."

विश्लेषकों का कहना है कि इस मुद्दे पर एक राष्ट्र जनमत संग्रह कराने की माँग से यह संकेत मिलता है कि इस मुद्दे पर राजनीतिक लड़ाई हारी जा चुकी है.

इस महीने के आरंभ में लेबर पार्टी ने भी शेरॉन सरकार के गठबंधन से हाथ मिला लिया था जिसके बाद संसद-नेसेट में शेरॉन का बहुमत स्थापित हो गया था.

लेबर पार्टी ग़ज़ा पट्टी से यहूदी बस्तियों को हटाने की शेरॉन की योजना का समर्थन करती है.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>