| श्रीलंका में सैकड़ों बच्चे अनाथ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका में सूनामी के कहर के कारण सैकड़ों बच्चे अनाथ हो गए हैं. कम से कम तीन हज़ार बच्चे ऐसे हैं जिन्होंने अपने माता या पिता में से एक को खो दिया है. संयुक्त राष्ट्र की बच्चों के लिए संस्था युनिसेफ़ के ये आँकड़े केवल श्रीलंका के शर्णार्थी शिविरों से उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं. ये संस्था फ़िलहाल गाँव और दूर-दराज़ के इलाक़ो में नहीं पहुँच पाई है. इस संस्था के अनुसार पक्के तौर पर कहा जा सकता है कि 800 बच्चों के माता या पिता में से कोई भी जीवित नहीं है. ये बच्चे अब अपने रिश्तेदारों या माता-पिता के मित्रों पर आश्रित हैं. युनिसेफ़ का कहना है कि बहुत सारे बच्चे जिनके माता-पिता में से केवल एक ही बचा है, उनकी देखरेख और परवरिश का बोझ नहीं उठा सकते और हो सकता है कि उन्हें बच्चों को अनाथालयों में भर्ती करवाना पड़े. लेकिन माना जा रहा है कि ऐसे बच्चों की संख्या बढ़ सकती है. इस बारे में कोई आकलन नहीं किया गया है कि इस त्रासदी में श्रीलंका में कितने बच्चे मारे गए. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||