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अभी तक 10000 अमरीकी सैनिक घायल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन से जारी ताज़ा आँकड़ों से पता चलता है कि इराक़ में अब तक दस हज़ार से ज़्यादा अमरीकी सैन्यकर्मी ज़ख़्मी हो चुके हैं. बीबीसी के पेंटागन संवाददाता निक चाइल्ड्स का कहना है कि कुछ दिन पहले तब ख़बर बनी थी जब इराक़ में मारे गए अमरीकी सैन्य कर्मियों की संख्या एक हज़ार का आँकड़ा छू गई थी. अब यह संख्या 1300 से ऊपर जा पहुँची है. पेंटागन ने जो ताज़ा आँकड़े जारी किए हैं उनसे पता चलता है कि अमरीका को सैनिकों के ज़ख़्मी होने के मामले में भी भारी क़ीमत चुकानी पड़ी है. इराक़ में ज़ख़्मी हुए अमरीकी सैन्य कर्मियों की संख्या अब दस हज़ार दो सौ से कुछ ज़्यादा बैठती है. इनमें से क़रीब आधे सैनिक फिर से ड्यूटी पर लौटने के लायक हो सके हैं लेकिन क़रीब पाँच हज़ार सैनिक ड्यूटी पर नहीं लौट सके हैं. सैनिकों को मिलने वाली दवाओं और सुरक्षा उपकरणों के अत्याधुनिक होने का एक फ़ायदा ये हुआ है कि अमरीकी सैनिक ऐसे ज़ख़्मों में भी जीवित बच सके हैं जैसे ज़ख़्मों में अब से पहले के संघर्षों में बचना मुमकिन नहीं था. लेकिन इसके बावजूद ख़ास बात ये है कि अमरीकी सैनिक इराक़ में सड़के के किनारे होने वाले बम धमाकों का बहुत शिकार हो रहे हैं और ऐसे विस्फोटों में अक्सर सैनिक गंभीर रूप से घायल होते हैं. ऐसी घटनाओं में सैनिक अक्सर अपने अंग खो बैठते हैं और कभी-कभी तो उनकी दृष्टि भी चली जाती है. |
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