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इराक़ में कार बम धमाकों में 60 की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में शिया बहुल शहरों नजफ़ और करबला में हुए कार बम धमाकों में कम से कम 60 लोग मारे गए हैं. इन हमलों में 150 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं. सबसे ज़्यादा लोग नजफ़ के धमाके में हताहत हुए. वहाँ विस्फोट इमाम अली के मज़ार के पास एक चौराहे पर हुआ. वहाँ एक जनाज़े के साथ भीड़ जमा थी. इससे दो घंटे पहले करबला में एक आत्मघाती हमलावर ने बम धमाका किया. बीबीसी संवाददाता के अनुसार विस्फोट एक बस अड्डे के पास हुआ जहाँ पर चारों ओर काँच के टुकड़े बिखरे हुए हैं और ख़ून ही ख़ून है. हाल में करबला में शिया मुसलमानों के पवित्र स्थल इमाम हुसैन के मज़ार के पास एक धमाके में सात लोग मारे गए थे. इराक़ में जारी इस हिंसा के बीच कनाडा में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन हो रहा है जिसमें इराक़ के चुनावों की तैयारी के बारे में चर्चा हो रही है. सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय आयोग और अरब राष्ट्रों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं लेकिन मीडिया को सम्मेलन से दूर रखा गया है. चुनाव से पहले हिंसा ये हमले राष्ट्रीय चुनावों से छह हफ़्ते पहले हुए हैं. बग़दाद से बीबीसी संवाददाता के अनुसार अभी ये स्पष्ट नहीं है कि क्या करबला और नजफ़ के धमाकों के बीच कोई संबंध है. हालांकि अधिकारियों ने आगाह किया है कि चुनाव से पहले चरमपंथी कोशिश कर सकते हैं कि शिया और सुन्नी समुदाय के बीच तनाव बढ़े. इससे पहले रविवार को ही इराक़ के चुनाव आयोग में काम करने वाले तीन लोगों की राजधानी बग़दाद में गोली मार कर हत्या कर दी गई. उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया गया और उनकी कार पर घात लगाकर हमला किया गया. शुक्रवार को बग़दाद के उत्तर में स्थित शहर दुजैल में चुनाव दफ़्तर पर तोप के गोले से हमला किया गया जिसमें दो महिलाओं की मौत हो गई. |
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