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शिया मुसलमानों ने गठबंधन बनाया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में शिया समुदाय ने राजनीतिक पार्टियों का एक गठबंधन बनाने की घोषणा की है जो 30 जनवरी को होने वाले चुनाव में भाग लेगा. इस गठबंधन को वरिष्ठ शिया मोलवी आयतुल्लाह अली अल-सिस्तानी का समर्थन हासिल है. इस गठबंधन ने चुनाव के लिए 228 उम्मीदवारों का चयन किया है. गठबंधन के एक प्रवक्ता का कहना था कि चरमपंथी शिया मोलवी मुक़्तदा अल-सद्र का संगठन इस गठबंधन का हिस्सा नहीं है क्योंकि वह राजनीतिक पार्टी के तौर पर दर्ज नहीं है. लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि अल-सद्र की लहर धार्मिक नेताओं के उस आहवान का समर्थन करती है जिसके तहत इराक़ में चुनाव करवाने की बात कही गई है. शिया मुसलमानों की जनसंख्या इराक़ में लगभग साठ प्रतिशत है लेकिन उनकी इराक़ में सत्ता में ज़्यादा भागीदारी नहीं रही है. सुन्नी मुसलमानों से अनुरोध सद्दाम हुसैन के शासनकाल के दौरान भी सत्ता सुन्नी मुसलमानों के हाथ में ही रही है. उधर सुन्नी मुसलमानों ने उम्मीदवारों की कोई सूची पेश नहीं की है. मुसलमान बुद्धिजीवियों की एक संस्था के सुन्नी मोलवियों ने सुन्नी मुसलमानों से अनुरोध किया है वे चुनाव का बहिष्कार करें. ये आहवान फ़लूजा में हाल में हुई अमरीकी कार्रवाई के ख़िलाफ़ किया गया है. पिछले हफ़्ते इराक़ की दो प्रमुख कुर्द पार्टियों ने उम्मीदवारों की साझा सूची निकाली थी. |
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