BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
बुधवार, 03 नवंबर, 2004 को 21:12 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मैसाचुसेट्स के लोगों में निराशा

निराश कैरी समर्थक
लोगों को उम्मीद थी कि एक दूसरा जेएफ़के – जॉन फ़ोर्ब्स कैरी – राष्ट्रपति बनेगा
मैसाचुसेट्स के लोगों को इंतज़ार था कि उनके राज्य से अमरीका को एक बार फिर एक नया राष्ट्रपति मिले.

1960 में मैसाचुसेट्स के ही डेमोक्रेट सेनेटर जॉन फ़िट्ज़राल्ड केनेडी व्हाइट हाउस के लिए चुने गए थे, जिनको लोग जेएफ़के के नाम से जानते थे.

इस बार फिर यहाँ के लोगों को उम्मीद थी कि एक दूसरा जेएफ़के – जॉन फ़ोर्ब्स कैरी – राष्ट्रपति के पद पर आसीन होगा.

मगर अब उनका ये स्वप्न टूट चुका है और अधिकाँश मैसाचुसेट्सवासी दुखी हैं.

लेकिन उनको ये भी लगता है कि लोकतंत्र में इस तरह की घटना ज़्यादा आश्चर्यजनक नहीं है.

'साथ नहीं दिया'

मंगलवार को देर रात तक केरी की जीत की आस रखने वाली कैथरीन ने कहा,"मुझे बहुत ख़राब लग रहा है मगर लगता है आतंक के ख़िलाफ़ लड़ाई के मुद्दे पर लोगों ने केरी का साथ नहीं दिया."

रैज्नी मलर
'अमरीकी चुनाव व्यवस्था पर विश्वास नहीं रहा'

केरी की हार से दुखी एक और छात्रा रैज्नी मलर ने कहा,"मुझे नहीं लगता कि केरी की तरफ़ से कोई कोताही हुई मगर मुझे पिछले चुनाव के समय से ही अपने देश की चुनाव व्यवस्था पर विश्वास नहीं रहा."

वहीं लंबे समय से डेमोक्रेटिक पार्टी का साथ देनेवाले डेविड जोस्ट का कहना था,"मैं डेमोक्रेट समर्थक हूँ इसलिए दुखी अवश्य हूँ मगर मैं अमरीकी भी हूँ, इसलिए काम तो चलाना ही पड़ेगा."

बोस्टन काम से आए कैलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय के शिक्षक जॉन रेंगल ने कहा,"हमारे पास परिणाम स्वीकार करने के अलावा कोई चारा नहीं है. मगर मुझे पता है कि आनेवाले चार वर्ष हमारे लिए और भयानक होंगे."

वहीं एक अमरीकी कंपनी में मैनेजर पॉल ने कहा,"मैं ना खुश हूँ ना दुखी क्योंकि मुझे लगता है कि पूरे देश ने एक फ़ैसला किया है तो कैरी को उसे मानना चाहिए और आगे की ओर देखना चाहिए."

मगर बोस्टन में कुछ ऐसे भी लोग मिले जो बुश को पसंद करते हैं.

ऐसे ही एक बुश समर्थक जिम ने कहा,"मुझे तो शुरू से ही जॉन कैरी पर भरोसा नहीं था, ख़ासतौर से राष्ट्रीय सुरक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दों को लेकर."

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>