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11 इराक़ी गार्डों को मारने का दावा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एक इस्लामी चरमपंथी संगठन ने अपनी वेबसाइट के ज़रिए दावा किया है कि उसने इराक़ी नेशलन गार्ड के उन 11 जवानों को मार दिया है जिनका पिछले सप्ताह बग़दाद से अपहरण किया गया था. द आर्मी ऑफ़ अंसार अल सुन्ना ने अपनी वेबसाइट पर कुछ लोगों की तस्वीरें दिखाई हैं जिनमें कुछ पर बंदूकें तानी गई हैं और कहा गया है कि उन्हें अमरीकियों की सहायता करने के आरोप में मार दिया गया है. इराक़ी रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा है कि उनके पास ऐसी कोई सूचना नहीं है कि नेशनल गार्ड के 11 लोग लापता हैं. अरबी टेलीविज़न चैनल अल जज़ीरा ने ख़बर दी है कि अंसार अल सुन्नी की वेबसाइट पर बताया गया है कि उन लोगों का अपहरण बग़दाद और हिल्ला नगरों के बीच की सड़क पर से किया गया था. वेबसाइट पर प्रकाशित बयान में कहा गया है, "उन लोगों से पूछताछ के बाद पता चला कि उनका काम अमरीकी सेनाओं की मदद करना था." वेबसाइट पर कुछ तस्वीरें छापी गई हैं जिन्हें मारे गए गार्डों की तस्वीरें बताया गया है. तस्वीरों में उन लोगों के हाथ बंधे हुए दिखाए गए हैं. समाचार एजेंसी एपी ने ख़बर दी है कि अल जज़ीरा पर दिखाए गए एक वीडियो के ज़रिए चरमपंथियों ने इराक़ी सुरक्षा बलों से अमरीकी नेतृत्व वाले गठबंधन के क़ब्ज़े में सहयोग नहीं देने की गुज़ारिश की है. "सेना और पुलिस के लिए एक ऐलान: ख़ुदा से डरो...अपने हथियार फेंककर अपने घर जाओ और विधर्मी जेहादियों और उनकी समर्थक इराक़ सरकार को सहयोग देने से बाज़ आओ, नहीं तो तुम्हें सिर्फ़ मौत ही मिलेगी." |
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