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अलावी का फ़लूजा को एक और मौक़ा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के अंतरिम प्रधानमंत्री ईयाद अलावी ने कहा है कि विद्रोहियों के नियंत्रण वाले सुन्नी बहुल शहर फ़लूजा से अनुरोध किया है कि उसके पास सैनिक कार्रवाई से बचने के लिए एक और मौक़ा है. अलावी के दफ़्तर से जारी एक बयान में फ़लूजा के नेताओं और प्रमुख नागरिकों से अपील की गई है कि वे समस्या का राजनीतिक समाधान खोजने के लिए पहल करें. अंतरिम सरकार और फ़लूजा की तरफ़ से प्रतिनिधित्व करने वाले मध्यस्थों के बीच शांति वार्ता इस महीने के आरंभ में उस समय टूट गई थी जब अलावी ने कह कर दिया था कि विदेशी चरमपंथी सरकार को सौंपे जाएँ. अलावी का यह ताज़ा अनुरोध ऐसी ख़बरों के बीच आया है कि अमरीकी सेनाएँ फ़लूजा में एक बड़े सैनिक हमले की तैयारी कर रहे हैं. बग़दाद में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि फ़लूजा की स्थिति शायद एक ऐसी समस्या है जिसे हल करने के लिए अलावी पर सबसे ज़्यादा दबाव है ताकि जनवरी में प्रस्तावित चुनाव पूरे देश में एक साथ कराए जा सकें. |
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