BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
सोमवार, 25 अक्तूबर, 2004 को 11:41 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
बर्मा और भारत के बीच तीन समझौते
थान श्वे और मनमोहन सिंह
बर्मी नेता थान श्वे की प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात हुई
बर्मा की सैन्य सरकार के प्रमुख जनरल थान श्वे ने भारत की अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात की है.

दोनों पक्षों ने सुरक्षा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पनबिजली के तीन समझौतों पर हस्ताक्षर भी किए.

यह पिछले पच्चीस वर्ष में बर्मा के किसी भी राष्ट्राध्यक्ष की पहली भारत यात्रा है.

यात्रा का भारत में लोकतंत्र-समर्थक बर्मी गुटों ने विरोध किया है और उनका कहना है कि यह सैन्य तानाशाही को बढ़ावे का संकेत देती है.

विरोध प्रदर्शन
भारत में बर्मा के लोकतंत्र-समर्थक गुट यात्रा का विरोध कर रहे हैं

जनरल थान अपने आठ मंत्रियों के साथ छह दिन की यात्रा पर भारत आए हैं.

इससे पहले सोमवार को राष्ट्रपति भवन में उनका औपचारिक रूप से स्वागत किया गया जहाँ राष्ट्रपति अब्दुल कलाम और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह उनकी अगवानी के लिए मौजूद थे.

इस सप्ताह के शुरु में बर्मा के प्रधानमंत्री थिन न्यून्त को हटाकर उनकी जगह लेफ़्टिनेंट जनरल सो विन को नियुक्त कर दिया गया था.

लेकिन इसके बावजूद थान श्वे ने अपने भारत आने के कार्यक्रम में बदलाव नहीं किया.

बीबीसी के संवाददाता सुबीर भौमिक का कहना है कि थान श्वे की भारत यात्रा महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे यह संकेत मिल सकता है कि बर्मा के सैनिक शासन को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का समर्थन हासिल है.

इससे जुड़ी ख़बरें
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>