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यूरोपीय संघ ने लीबिया से पाबंदी हटाई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूरोपीय संघ ने लीबिया को हथियार बेचने पर 18 साल से लगी पाबंदी हटा ली है लेकिन चीन पर लगी ऐसी ही पाबंदी नहीं हटाई गई है. यूरोपीय संघ का यह फ़ैसला लीबिया के उस फ़ैसले के कुछ महीने बाद आया है जिसमें उसने महाविनाश के हथियारों का अपना कार्यक्रम ख़त्म करने का ऐलान किया था. लक्ज़मबर्ग में यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की बैठक में यह फ़ैसला किया गया. यूरोपीय संघ के इस क़दम को लीबिया के साथ व्यापार पर लगी पाबंदी हटाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. लीबिया के साथ व्यापार पर 1999 से ही पाबंदी है. पिछले दिनों यूरोपीय संघ के राजदूतों ने कहा था कि लीबिया पर 1992 से चले आ रहे प्रतिबंध हटा लेने चाहिए. लेकिन लक्ज़मबर्ग में यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों ने 1986 में हथियार बेचने पर लगी पाबंदी भी हटाने का फ़ैसला किया. कारण लीबिया पर से पाबंदी हटाने के अभियान का नेतृत्व इटली ने किया. दरअसल इटली चाहता है कि लीबिया अपने समुद्र तटों की निगरानी और ज़्यादा मुस्तैदी से करे ताकि समुद्र के रास्ते सैकड़ों की संख्या में ग़ैरक़ानूनी प्रवासी यूरोप में न घुसे. इटली चाहता था कि कड़ी निगरानी के लिए लीबिया पर से यह पाबंदी हटाया जानी ज़रूरी है ताकि उसे आधुनिक उपकरण बेचे जा सकें. ब्रिटेन के विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ ने बीबीसी से कहा, "यह क़दम महाविनाश के हथियारों के लीबियाई कार्यक्रम को ख़त्म करने और कई बम हमलों के पीड़ितों को मुआवज़ा देने की घोषणा के बाद उठाया गया है" यूरोप में हुए कई बम हमलों के पीछे लीबिया का हाथ बताया जाता रहा है. लीबिया ने हमलों के पीड़ितों को मुआवज़ा देने की बात पहले ही स्वीकार कर ली थी. स्ट्रॉ ने फ़ैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह दुनिया भर में शांति और सुरक्षा के लिए अच्छा क़दम है. अन्य फ़ैसले हालाँकि यूरोपीय संघ पर आरोप लग रहे हैं कि वह लीबिया में मानवाधिकार के मुद्दे को किनारे कर रहा है, ख़ासकर बुल्गारिया के पाँच और एक फ़लस्तीनी स्वास्थ्य कर्मचारी के मामले में, जिन्हें एड्स फ़ैलाने का दोषी ठहराते हुए मौत की सज़ा सुनाई गई थी.
यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की बैठक में बर्मा के सैनिक शासन के ख़िलाफ़ प्रतिबंध और कड़े करने पर भी सहमति जताई गई. इनमें बर्मा के शीर्ष अधिकारियों के यूरोपीय संघ के देशों में यात्रा करने पर पाबंदी भी शामिल है. बैठक में यह भी फ़ैसला हुआ कि बोस्निया और हर्ज़ेगोविना में शांति रक्षक सेना का दायित्व अब यूरोपीय संघ उठाएगा और इसकी कमान वह नैटो यानी उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन से दो दिसंबर को ले लेगा. यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों ने यह भी घोषणा की कि चीन पर लगी हथियारों की बिक्री की पाबंदी हटाने पर अभी उन्हें और विचार-विमर्श की ज़रूरत है. |
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