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लीबिया ने बचे उपकरण भी भेजे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति के कार्यालय का कहना है कि लीबिया ने परमाणु हथियार कार्यक्रम के बचे हुए उपकरणों की अंतिम खेप अमरीका के लिए रवाना कर दी है. व्हाइट हाउस के प्रवक्ता स्याँ मैककोरमक का कहना है कि पाँच सौ टन वज़नी उपकरणों से लदा एक जहाज़ शनिवार को लीबिया से रवाना हुआ है. उन्होंने यह नहीं बताया कि जहाज़ अमरीका में कहाँ पहुँचने वाला है. प्रवक्ता का कहना है कि लंबी दूरी मार करने वाले मिसाइल और उन्हें दागने वाले लॉन्चर भी जहाज़ में लादे गए हैं. यह कार्रवाई दिसंबर माह में लीबिया द्वारा अचानक की गई घोषणा के बाद शुरु हुई है कि वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपना निष्कासन समाप्त करने के लिए अपने परमाणु कार्यक्रम को समेट रहा है. शुक्रवार को लीबिया ने घोषणा की थी कि रासायनिक हथियार के रुप में उपयोग में लाए जाने वाले मस्टर्ड गैस का बीस टन का अपना भंडार उसने संयुक्त राष्ट्र को सौंप दिया है. लीबिया ने नर्व गैस बनाने के लिए अपने पास मौजूद रासायनों का भी ब्यौरा दिया था. स्वागत महाविनाश के हथियार ख़त्म करने की लीबिया की इस पहल का संयुक्त राष्ट्र ने ज़ोरदार स्वागत किया था. उधर लीबिया की इस कार्रवाई के बाद अमरीका ने अपने नागरिकों को लीबिया जाने पर लगे 23 साल लंबे प्रतिबंध हटा लिया था. हालांकि व्यापारिक प्रतिबंध अभी लागू हैं लेकिन अमरीकी कंपनियों को वहाँ लौटने की योजना बनाने की अनुमति मिल गई है. अमरीका के इस निर्णय के पीछे लॉकरबी बम कांड में लीबिया की स्वीकारोक्ति की भी बड़ी भूमिका रही. |
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