|
अमरीका ने लीबिया जाने पर रोक हटाई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका ने अपने नागरिकों के लिए लीबिया जाने पर लगाई गई पाबंदी हटा ली है. ये पाबंदी 23 साल पहले लगाई गई थी. समझा जा रहा है कि लीबिया ने पिछले दिनों अपने परमाणु कार्यक्रमों को ख़त्म करने का फ़ैसला किया था उसके बाद ही अमरीका ने ईनाम के तौर पर ये रोक हटाई है. इसके अलावा लीबिया ने बुधवार को ये भी कहा था कि वह 1988 में लॉकरबी विमान बम काँड की ज़िम्मेदारी स्वीकार करता है. अमरीका इस सप्ताह के आरंभ में ही रोक हटाना चाहता था मगर लॉकरबी विमान बम काँड के बारे में लीबियाई प्रधानमंत्री शुक्री ग़नेम के उस बयान के बाद अमरीका ने अपना फ़ैसला टाल दिया कि इससे लीबिया का कोई हाथ नहीं. मगर बाद में लीबियाई सरकार ने ये स्पष्ट किया कि उनका देश लॉकरबी बमकाँड की ज़िम्मेदारी स्वीकार करता है और प्रधानमंत्री का बयान ग़लत और खेदजनक है. फ़ैसला अमरीका की राष्ट्रीय सुरक्षा विभाग के प्रवक्ता सॉं मैक्कॉर्मेक ने पत्रकारों को बताया कि विमान यात्रा पर रोक हटाने का फ़ैसला लीबिया की अर्थव्यवस्था में तेज़ी लाने और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में उसकी भागीदारी फिर बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया. उन्होंने कहा,"अमरीका लीबिया की यात्रा पर रोक हटाने जैसे प्रयास करेगा ताकि लीबिया को बढ़ावा मिले". अमरीकी राष्ट्रपति के कार्यालय से जारी एक पत्र में कहा गया है कि पाबंदी लगाए जाने से पहले लीबिया में काम करनेवाली कंपनियों को फिर लीबिया में अपना काम शुरू करने की अनुमति भी दी जाएगी. लीबिया ने पिछले वर्ष संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को पत्र लिखकर लॉकरबी विमान बम काँड की ज़िम्मेदारी स्वीकार की थी. उसने ये भी स्वीकार किया था कि वह इस हादसे में मारे गए लोगों के परिवारवालों को मुआवज़ा देगी. इसके बाद पश्चिमी जगत से लीबिया के संबंध तब और बेहतर हुए जब लीबिया के नेता मुआमार गद्दाफ़ी ने देश के परमाणु हथियार कार्यक्रमों को समाप्त करने का एलान किया. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||